सीतापुर। जिले में अक्षय तृतीया पर शनिवार को सराफा बाजार गुलजार रहा। परंपरा का निर्वहन करते हुए लोगों ने सोने के आभूषण खरीदे। हालांकि, सोने पर रिकाॅर्ड महंगाई के चलते इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई।
पिछले साल की तुलना में 35 फीसदी कारोबार में कमी दर्ज की गई। अब सराफा बाजार को सहालग का इंतजार है।
वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। इसका अपना अलग महत्व है। मां लक्ष्मी का दिन होने के नाते इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन सोने की खरीद से लक्ष्मी जी कृपा बरसाती हैं। इसे देखते हुए सराफा कारोबारियों ने बाहर से नई वेराइटियां पहले से ही मंगवा लीं थीं। शनिवार को अच्छे कारोबार की उम्मीद लेकर व्यवसायी दुकानों पर पहुंचे।
दिन चढ़ने के साथ ग्राहकों की आमद भी शुरू हो गई। दिन भर सराफा बाजार में चहल पहल रही। इसके बावजूद उम्मीद के मुताबिक कारोबर नहीं हो पाया। व्यवसायी राजेश सहगल बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में 35 फीसदी कम कारोबार हुआ है। इसकी वजह सोने पर रिकाॅर्ड तोड़ महंगाई है। इस समय सोना 62 हजार रुपये तोला (10 ग्राम) है। महंगाई के चलते खरीदारी में ग्राहकों ने हाथ तंग रखा।
कान की झुमकियां, बाला, नाक की नथनी जैसे छोटे व हल्के आभूषण ही अधिक बिके। अभी सहालग शुरू होने में भी कुछ समय है। लिहाजा, जिनके परिवार में शादी होनी है वह सोने पर महंगाई देख खरीदारी नहीं कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सोने पर भाव कुछ कम होगा तब खरीदारी करेंगे। पप्पू सराफ भी मानते हैं, कि कारोबार ठीक रहा पर उम्मीद के अनुसार बिक्री नहीं हुई है।
श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद किया दर्शन-पूजन
नैमिषारण्य/सीतापुर। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ व आदि गंगा गोमती में डुबकी लगाई। इसके बाद मां ललिता देवी मंदिर समेत विभिन्न देव स्थलों पर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। हनुमान गढ़ी, दरोगा बाबा आश्रम, व्यास आश्रम व कालीपीठ में भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार गोमती नदी का पूजन कर दीप भी प्रवाहित किए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया पूजन, सत्यनारायण वृत कथा, श्री विष्णु सहस्त्रनाम पाठ आदि धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम भी चलता रहा। श्रद्धालुओं ने मां तुलसी और गाय का पूजन भी विधि विधान से किया। श्रद्धालुओं ने साधु संतों को दान-दक्षिणा भी प्रदान की।