सीतापुर। जिले के करीब 10.50 लाख गैस उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार पड़ी है। इनमें छह लाख उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता भी शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं को अब गैस सिलिंडर के लिए 50 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। उपभोक्ताओं को अब सिलिंडर 901 रुपये में मिलेगा। घरेलू गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से महिलाओं को किचन का बजट बिगड़ने की चिंता सताने लगी है।
सरकार ने दो साल बाद एलपीजी की कीमतों में इजाफा किया है। अब उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर के लिए 50 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। रसोई गैस की बढ़ी कीमतें रविवार की मध्य रात्रि से प्रभावी हो गई हैं। इसका सीधा असर जिले में रसोई गैस के करीब 10.50 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ा है। इनमें छह लाख दो हजार उज्ज्वला योजना के, जबकि साढ़े चार लाख अन्य उपभोक्ता हैं। उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं को भी महंगाई झेलनी पड़ेगी। गैस सिलिंडर वितरकों के अनुसार अब तक घरेलू गैस सिलिंउर के लिए उपभोक्ताओं को 851 रुपये चुकाने पड़ते थे। अब 50 रुपये बढ़ने से गैस सिलिंडर 901 रुपये का मिल रहा है। मध्यम वर्ग पर इस महंगाई का सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
महंगाई पर अंकुश लगाए सरकार
महंगाई में घर चलाना पहले से मुश्किल है। अब गैस पर भी 50 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। इसका सीधा असर घर के बजट पर पड़ा है। महंगाई की रोकथाम को लेकर सरकार को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- अर्पिता, गृहिणी
हर वर्ग होगा प्रभावित
केंद्र सरकार को मध्य वर्ग की समस्या समझनी चाहिए। महंगाई में घर चलाना मुश्किल है, रसोई गैस का गांव से लेकर शहर तक के लोग उपयोग करते हैं। ऐसे में गैस के दाम बढ़ने से छोटे से लेकर बड़े लोगों की जेब पर असर पड़ेगा। मुश्किलें बढ़ेंगी।
- रंजना, गृहिणी