संदना। रामगढ़ ग्राम पंचायत के मजरा शंकरपुर निवासी कन्हई की मौत वर्ष 2024 में हो गई थी। उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो चुका था। इसके बावजूद 28 सितंबर 2026 को तहसील मिश्रिख से उनके नाम 60 हजार रुपये सालाना आय का प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।
मृतक के नाम प्रमाणपत्र जारी होने से राजस्व विभाग की सत्यापन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कन्हई की मृत्यु के करीब दो साल बाद जारी आय प्रमाणपत्र में उनकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये दर्ज है। आवेदन का क्रमांक 261540010335554 और आय प्रमाणपत्र का क्रमांक 241261036792 है। ग्रामीणों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा है।
सवाल उठ रहे हैं कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले आवेदन का सत्यापन किस स्तर पर किया गया और मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य सरकारी अभिलेखों का मिलान क्यों नहीं किया गया।
आय प्रमाणपत्र सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में मृतक के नाम प्रमाणपत्र जारी होने से इसकी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जांच के बाद सामने आएगी हकीकत
मामले में यह पता लगाना जरूरी है कि आवेदन के सत्यापन में कहां चूक हुई। अभिलेखों के मिलान और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी। इस तरह आय प्रमाणपत्र जारी होना गलत है। मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
-दीपक कुमार गुप्ता, एसडीएम मिश्रिख