सीतापुर। जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को 2021 में सस्ती संजीवनी की सुविधा मिलेगी। जिला अस्पताल में बंद हुआ जनऔषधि केंद्र फिर से खुलेगा। एक जनवरी से केंद्र पर करीब 1300 दवाएं उपलब्ध रहेंगी। इस केंद्र के खुलने से मरीजों को सस्ती जेनरिक दवाओं का लाभ मिलेगा, जिससे वह महंगी एलोपैथ की दवाओं से निजात पा सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब चार साल पहले प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने की योजना शुरू की थी। इस केंद्र के माध्यम से लोगों को सस्ती जीवनरक्षक जेनरिक दवाएं मिलेंगी। यह दवाएं ब्रांडेड कंपनी की दवाओं की अपेक्षा दो से तीन गुना सस्ती होती है। इनको बनाने में भी वही फॉर्मूला लागू होता है जो ब्रांडेड दवा कंपनी अपनाती है।
बशर्ते दवाओं की कंपनी का नाम नहीं होगा। केवल फॉर्मूले से ही दवाएं बिकेगी। जनपद के लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में जनऔषधि केंद्र खोला गया था। इससे यहां पर रोजाना आने वाले करीब 1500 मरीजों को फायदा मिलता था। लेकिन 18 सितंबर 2020 को यह केंद्र बंद कर दिया गया था।
इसके बंद होने की पीछे दवा आपूर्तिकर्ता संस्था की कागजी कार्रवाई अपूर्ण बताई जा रही थी। इससे अस्पताल आने वाले मरीज बिना सस्ती दवाओं के ही लौट रहे है। वह बाहर से महंगी दवा खरीदने को मजबूर हो रहे थे। जिससे उनको इलाज पर काफी रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। अब मरीजों की यह समस्या दूर होने वाली है। वह एक बार फिर से सस्ती जेनरिक दवाओं का लाभ उठा सकेंगे। एक जनवरी से यह केंद्र खुल जाएगा, जिससे मरीजों को सस्ती दवा का लाभ मिल सकेगा।
सभी मर्ज की रहेगी दवा
जन औषधि केंद्र पर सर्दी, खांसी, जुकाम, ह्दय रोग, चर्म रोग, त्वचा रोग, दांत रोग, हड्डी रोग सहित तमाम बीमारियों की दवा उपलब्ध रहेगी। इसके लिए जिला अस्पताल के चिकित्सकों को जेनरिक दवाओं की सूची उपलब्ध करा दी गई है। इन दवाओं को देखकर वह मरीजों को दवा लिखेंगे। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को सस्ती दवा की सुविधा मिलेगी।
एक जनवरी से चलेगा केंद्र
इस केंद्र पर करीब 1300 दवाएं मिलेंगी। इस समय 133 दवाओं का स्टॉक मौजूद है। अन्य दवाएं अभी मिल नहीं सकी है। नए तरीके से लाइसेंस प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है दो दिन में लाइसेंस बन जाएगा। एक जनवरी से यह केंद्र फिर से शुरू हो सकेगा।
- आशीष कुमार शुक्ला, फॉर्मासिस्ट