जिले के 800 गैस उपभोक्ता सब्सिडी के दायरे से बाहर होंगे। केंद्र सरकार ने 10 लाख आय वाले उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी से वंचित रखने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद इन्हें बाजार मूल्य पर रसोई गैस मिलेगी। यह फैसला 1 जनवरी 2016 से लागू होगा।
एलपीजी सब्सिडी जरूरतमंदों तक पहुंचाने को लेकर मोदी सरकार अभियान चला रही है। सरकार ने इसको लेकर ‘गिव इट अप’ मुहिम भी छेड़ रखी है। इसके तहत उपभोक्ता स्वजागरूक होकर रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ रहे हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे डीबीटी स्कीम के तहत उपभोक्ताओं के बैंक खातों में पहुंचती है। अब सरकार ने नए साल से दस लाख रुपये तक सालाना आय वाले ग्राहकों को सब्सिडी न देने का अहम फैसला लिया है।
जिले में मौजूदा आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो करीब आठ सौ एलपीजी उपभोक्ताओं की सालाना आमदनी दस लाख रुपये या इससे ज्यादा है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब जनवरी में बुकिंग के दौरान स्व:घोषणा के आधार पर फार्म भरकर देना होगा, जिससे इन्हें एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी बंद हो जाएगी। फिर इन उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीदना होगा।