प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का घुन लग गया है। ग्राम पंचायत अधिकारी व प्रधान मनमाने तरीके से पात्र व अपात्र का चयन कर रहे हैं। हालत यह है कि जिनके पास पहले से ही आवास मौजूद हैं उन्हें दोबारा आवास का लाभ दिया जा रहा है। जबकि पात्र झोपड़ी में रहने को विवश हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर डीआईओएस द्वारा कराई गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। इस पर डीआईओएस ने कार्रवाई के लिए डीएम को आख्या भेज दी है।
जिलाधिकारी डॉ. सारिका मोहन को रेउसा विकास खंड के ग्राम पंचायत सेवता में प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री आवास सर्वे सूची-2011 के आधार पर दिए जा रहे हैं। लेकिन सूची की बिना जांच किए ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी ने पात्र व अपात्र का चयन कर लिया। इसमें क्या मानक अपनाए गए, इसकी जानकारी कोई नहीं दे रहा है।
इस पर डीएम ने डीआईओएस देवकी सिंह को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि ग्राम प्रधान महिला हैं। उनका सारा काम पति राजाराम अवस्थी देखते हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी अमित साहू व राजाराम ने मिलकर आवास आवंटन में मानकों को दरकिनार कर दिया। पात्रों को किनारे कर अपात्रों को लाभान्वित कर दिया।
लाभान्वित आवास की सूची में दर्ज मूला देवी ने जांच अधिकारी के सामने बयान दिया कि ग्राम पंचायत अधिकारी अमित साहू व प्रधान पुत्र सुनील अवस्थी ने आवास दिलाने के लिए धन उगाही की है। जबकि इनको पहले से ही आवास योजना का लाभ मिल चुका है। इसी प्रकार रामभुवन के पास पक्का कमरा है।
इन्हें भी आवास दे दिया गया है। नंदराम का सर्वे सूची 2011 में नाम नहीं था। बाद में इनको जोड़ दिया गया। नवीन सूची में फिर इनको अपात्र कर दिया गया। इसी प्रकार सलीम के पास पक्की छत वाले दो कमरे हैं इनको भी आवास से उपकृत कर दिया गया। सुमन देवी के पास निजी ट्रैक्टर व पंपिंग सेट है। यह भी आवास का लाभ लेने में सफल रही। इसके अलावा लाभार्थियों की सूची में भी गड़बड़ी की गई।