महमूदाबाद (सीतापुर)। कस्बे में बस स्टाॅप चौराहे पर महिला अस्पताल की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को प्रशासन ने बुलडोजर चला ढहा दिया। बस स्टाॅप चौराहे पर महिला अस्पताल की बाउंड्रीवॉल का कुछ हिस्सा तोड़कर लोगों ने छह दुकानों का निर्माण कर लिया था।
कई वर्षाें से अतिक्रमण हटाने के लिए शिकायतें होती रहीं लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। महमूदाबाद पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर के सामने भी यह मुद्दा उठा। डीएम ने सीएचसी अधीक्षक को अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। इसके बाद अधीक्षक ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया। तय समय में भी अतिक्रमणकारियों ने कब्जा नहीं हटाया। इसके बाद शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया। एसडीएम बीके सिंह, नायब तहसीलदार राकेश त्रिवेदी, सीओ वेद प्रकाश, कोतवाल अनिल सिंह की मौजूदगी में सभी दुकानें ध्वस्त कराई गईं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी करा लिया।
12 रुपये नजराने पर मिली थी जमीन
कार्रवाई की जद में आई दुकानों में ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले चंदू मिर्जा ने बताया कि उनके पिता मिर्जा नसीब बेग को उक्त जमीन 12 रुपये नजराना पर रियासत महमूदाबाद द्वारा 1944 में प्रदान की गई थी। पिता की मृत्यु के बाद वह व्यापार कर रहे थे। बताया जाता है कि जहां महिला अस्पताल बना है, वहां कभी महिला दवाखाना हुआ करता था। ब्रिटिश काल में रियासत की ओर से महिलाओं के लिए यहां दवाखाना निर्मित किया गया था। पांच जनवरी 1936 को यूपी (तब यूनाइटेड प्रोविंस) के तत्कालीन गवर्नर हेनरी हेग की पत्नी लेडी हेग ने महमूदाबाद आकर दवाखाना का शिलान्यास किया था। 1984 में तत्कालीन काबीना मंत्री बने डाॅ. अम्मार रिजवी ने इसे 30 शैया का महिला अस्पताल बनवाया था।