लेखपाल अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं नहीं तो उनकी विजिलेंस जांच कराई जाएगी। लेखपाल शासकीय कार्यों को अगर सही ढंग से निस्तारित करें तो आधी समस्याएं ग्राम स्तर पर ही निपट सकती हैं। शनिवार को समाधान दिवस में पहुंचे डीएम अमृत त्रिपाठी ने बीट सिपाही व राजस्व कर्मी में बेहतर तालमेल न होने पर नाराजगी भी जताई।
मौके पर मौजूद एसडीएम से कहा कि उनके तहसील के सभी लेखपाल व पुलिसकर्मी रविवार तक आपस में समन्वय बना लें और मोबाइल नंबरों व ग्राम से जुड़ी बड़ी व छोटी शिकायतों की जानकारी एकत्र कर लें। ऐसा न होने पर अफसरों के साथ ही कर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
डीएम ने लेखपालों से उनकी समस्याएं भी सुनीं। कहा कि ग्राम वार अलग रजिस्टर बनाएं, जिस पर वहां की समस्याएं दर्ज की जाएं। ऐसा न करने वाले लेखपालों की विजिलेंस से जांच कराई जाएगी। इसके बाद डीएम ने ब्लॉक कार्यालय का भी निरीक्षण किया।
बीडीओ शुभेंद्र शुक्ला से योजनाओं व कार्यक्रमों के बारे में जानकारी ली और प्रचार- प्रसार कराने व ब्लॉक के बाहर वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। बिना अनुमति नहीं बदलेगा लेखपाल का कार्यक्षेत्र डीएम ने निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर गहरी नाराजगी जताई।
एसडीएम, बीडीओ सहित एसओ से कहा कि पहला निरीक्षण हैं, इसलिए कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की जा रही है। दूसरी बार फिर अचानक दौरा करूंगा, कमियां मिली तो कड़ी कार्यवाही होगी। वहीं एसडीएम से कहा किसी भी लेखपाल का बिना उनकी अनुमति के कार्यक्षेत्र नहीं बदला जाएगा।