दाल व्यापारी सुनील जायसवाल व उनकी पत्नी तथा पुत्र की लूट के दौरान हुई हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लालबाग चौराहे पर क्रमिक अनशन हुआ तो कलेक्ट्रेट परिसर में कई संगठन धरने पर बैठे रहे।
एक संगठन ने लखनऊ कूच करने का प्रयास किया, लेकिन जल्द ही खुलासा करने का आश्वासन देकर उसे शांत कर दिया गया। सिविल लाइंस में हुए ट्रिपल मर्डर को धीरे-धीरे 10 दिन बीत गए हैं। इस दौरान व्यापारियों व अन्य संगठनों के सब्र का बांध टूटता नजर आया।
बार एसोसियेशन व व्यापारी संगठन शहर के लालबाग चौराहे पर बुधवार से घटना के राजफाश के लिए क्रमिक अनशन कर रहे हैं। बुधवार को व्यापारी की दोनों बेटियां भी अनशन पर बैठी थी।
लालबाग चौराहे पर व्यापारियों व अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। अनशन पर बैठे अनिल गुप्ता, विनीत शुक्ला एडवोकेट, प्रवीण श्रीवास्तव, सुशील टंडन, संजय सक्सेना ने कहा कि जब तक व्यापारी के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, जब तक लूट व हत्या की घटना को अंजाम देने वाले बदमाश जेल नहीं चले जाते, क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
इस क्रमिक अनशन को भारत परिषद के अध्यक्ष रत्नेश द्विवेदी, किसान एसोसिएशन के नरेश अवस्थी, जायसवाल समाज सेवा संस्थान के महेश कुमार जायसवाल, आम आदमी पार्टी, यज्ञसैनी समाज, श्रीहरि व्यामशाला, राष्ट्रीय किसान मंच, सब्जी एवं फल आढ़तियां संघ आदि संगठनों के पदाधिकारियों ने समर्थन दिया। सभी संगठनों ने एक स्वर में इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की।