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कम केरोसिन से कैसे रोशन होंगे घर

Fri, 21 Oct 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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ड्रम पकड़ा - फोटो : अमर उजाला
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इस महीने दीपावली है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से कार्डधारकों को केरोसिन भी कम मिलेगा। ऐसे में ग्रामीणअंचलों में रहने वाले लोगों के घर कैसे रोशन होंगे, यही सोचकर ग्रामीण परेशान हैं।
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इसकी वजह केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को मिलने वाले केरोसिन में कटौती किया जाना बताया जा रहा है। जितना केरोसिन इस बार जिले को मिला है, उसके हिसाब से कार्ड धारकों को प्रति कार्ड एक से सवा लीटर केरोसिन ही मिल पाएगा।

जिले में करीब 10,14668 कार्ड धारक हैं, जिनको कार्ड पर केरोसिन मिल रहा है। अभी तक इन कार्ड धारकों को प्रतिकार्ड दो लीटर तेल वितरित किया जाता रहा है। इस बार सरकार ने 9 लाख 48 हजार लीटर की कटौती कर ली है। इस बार 2160000 किलो लीटर की जगह जिले को 1212000 किलो लीटर तेल ही मिला है।
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कार्ड धारकों की मानें तो केरोसिन में लगातार कटौती की जारी है। पहले कार्ड पर तीन लीटर केरोसिन मिलता था, फिर दो लीटर केरोसिन देना शुरू किया गया। अबकी बार एक लीटर केरोसिन ही दिया जाएगा। कोटेदारों का कहना है कि कार्ड धारक यह मानने को तैयार ही नहीं हैं कि इस बार कोटे को तेल कम आवंटित हुआ है। वह पहले की ही तरह दो लीटर तेल की मांग कर रहा है। 

ग्रामीण क्षेत्र के लोग केरोसिन पर अधिक निर्भर हैं। वजह ये है कि शहरी क्षेत्र में घर-घर बिजली के कनेक्शन हैं और उससे शहर के घर रोशन होते रहते हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश घरों में बिजली के कनेक्शन ही नहीं हैं।

यदि कनेक्शन हैं भी तो पर्याप्त बिजली नहीं मिलती है। नतीजा उनके घर बिजली के बल्ब की रोशनी नहीं है, बल्कि उनके घर केरोसिन के चिरागों से ही रोशन होते हैं। बच्चों की पढ़ाई भी चिराग की रोशनी पर ही निर्भर है।
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