सीतापुर। शहर के मोहल्ला बट्सगंज में बाढ़ से प्रभावित करीब 60 परिवार अपने ही घरों में शरणार्थी बनकर रह गए हैं। घरों के चारों तरफ पानी भरने के कारण यह लोग घरों में कैद हैं। इन्हें चूल्हा जलाने तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
कोई छत पर पॉलिथीन तानकर गुजर बसर कर रहा है तो किसी ने सीढियों अथवा तख्त पर चूल्हा रखा है। यह हालात सिर्फ बट्सगंज के नहीं बल्कि बाढ़ से प्रभावित 15 मोहल्लों में रहने वाले कई परिवारों के हैं। सरायन नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 134.45 मीटर दर्ज किया गया। बुधवार की तुलना में पानी पांच सेंटीमीटर बढ़ा है। नदी का पानी खतरे के निशान 131 मीटर से 3.45 मीटर ऊपर बह रहा है। इस कारण नदी के किनारे बसे करीब 15 मोहल्लों में बाढ़ का संकट लगातार गहरा रहा है।
कैंची पुल बंधा के निकट बट्सगंज में पांच दिनों से बाढ़ का पानी लोगों के घरों में भरा है। विनोद मिश्रा, सुमित मिश्रा, सती प्रसाद वर्मा, प्रमोद मिश्रा, हरेश अवस्थी, गुलाब पाल, सोबरन लाल वर्मा, अनुराग तिवारी, माया राम सहित करीब 60 परिवार पानी के बीच अपने ही घरों में कैद हैं।
जलभराव के बाद से बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। घरों में कमर तक पानी भरा होने से चूल्हा तक जलाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। विनोद व सुमित ने बताया कि कई परिवार घर की छतों पर पन्नी तानकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। आरोप लगाया कि पांच दिनों से बाढ़ में फंसे होने के बावजूद अभी तक प्रशासन की तरफ से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने अथवा जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।