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Sitapur News: जुगाड़ से बज रहा हॉर्न, टूटे शीशों से भीगते मुसाफिर

Sat, 01 Jul 2023 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। अगर आप सीतापुर डिपो की बस से सफर करने की सोच रहे हैं तो एक बार फिर सोच लीजिए। कारण जुगाड़ के सहारे सड़कों पर दौड़ रही इन बसों से कभी भी अनहोनी हो सकती है। कागजों में फिट परिवहन निगम की बसों से लोग जान हथेली पर लेकर सफर करने को मजबूर हैं। किसी बस में ईंट रखकर ब्रेक लगाया जा रहा है तो किसी में जुगाड़ के सहारे हॉर्न बज रहा है।
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सीतापुर डिपो से लखनऊ, लखीमपुर, हरदोई, महमूदाबाद, शाहजहांपुर और दिल्ली को चलती हैं। दिनभर में हजारों की संख्या में यात्री इससे सफर करते हैं। सीतापुर डिपो की बसें जर्जर हैं। उनमें सफर करना अब जोखिम भरा हो गया है। बसों की चादरें पूरी गल चुकी हैं। खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। इस वजह से बारिश का पानी अंदर आ जाता है। बसों की सीटें गीली हो जाती है, जिससे लोग उस पर बैठने से कतराते हैं। सवारियां भींग जाती हैं। किराया देने के बावजूद यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

खिड़कियों के शोर के कारण नहीं सुनाई पड़ता कुछ
सीतापुर बस स्टेशन पर बस संख्या यूपी 34 टी 7027 खड़ी मिली। बस में ड्राइवर की सीट के पास एक सीमेंट की ईंट ब्रेक के पास रखी मिली। बस में चालक नहीं था लेकिन सवारियां बैठी हुईं थीं। प्रवेश द्वार पर बना पायदान पूरी तरह से जर्जर हो चुका था। काम चलाने के लिए उस पर अलग से लोहे की चादर को लगाया गया था। ताकि काम चल सके। सवारियों ने बताया कि बस को महमूदाबाद जाना है। पूरी बस खटारा है। खिड़कियां व शीशे इतना शोर करते हैं कि एक-दूसरे की आवाज भी सुनाई नहीं देती।
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टूटे मिले शीशे, सीटें भी फटी हुईं
बस संख्या यूपी 34 टी 5793 में साइड मिरर टूटा मिला। बस की अधिकांश सीटें भी फट चुकी थीं। स्टेरिंग में लगा हाॅर्न का बटन खराब हो चुका था। किसी तरह जुगाड़ कर हाॅर्न बजाया जा रहा था। एक बस पर बोनट के पास ही अग्निशमन यंत्र लुढ़का पड़ा था।

जिले में दौड़ रहीं 155 बसें
जिले में करीब 155 बसें चल रही हैं। इनमें परिवहन निगम की 85 व अनुबंधित बसें 70 हैं। इन बसों का संचालन लखनऊ, लखीमपुर, हरदोई, महमूदाबाद, शाहजहांपुर और दिल्ली रूट पर होता है। लंबी दूरी पर चलने वाली बसों को छोड़कर अन्य संपर्क मार्गों पर चलने वाली अधिकांश बसों की हालत खस्ता है।

समय-समय पर बसों का फिटनेस चेकअप कराया जाता है। रूट पर वहीं बसें दौड़ रहीं जो पूरी तरह से फिट हैं। फिर भी अगर किसी बस में कोई कमी है तो उसे दुरुस्त करा लिया जाएगा।
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राकेश कुमार, एआरएम, सीतापुर डिपो
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