जिले में तीन और लोग डेंगू की चपेट में आ गए हैं। इससे डेंगू पीड़ितों की संख्या 74 से बढ़कर 77 हो गई है। दो को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। वही एक का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। वहीं बुखार से पीड़ित एक होमगार्ड ने गुरुवार को दम तोड़ दिया।
मछरेहटा के ग्राम परसदा निवासी सुदीप द्विवेदी परिवार के साथ शहर के मोहल्ला बट्सगंज में रहते हैं। बीते एक सप्ताह से उनकी पत्नी किरन (40) को बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। किरन का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। कमलापुर के ग्राम करौंदी निवासी मनीराम के पुत्र प्रवेश कुमार (26) को भी एक सप्ताह से बुखार आ रहा है।
परिवार ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसकी प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं। इसी तरह से इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चांदूपुर निवासी लवकुश के पुत्र विपिन कुमार (17) को भी बीते एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। जांच जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
अस्पताल की पैथालॉजी जांच में डेंगू निकला। उसकी प्लेटलेट्स 40 हजार के करीब हैं। उसे जिला अस्पताल के डेंग वार्ड में रखा गया है। उधर, रामकोट थाना क्षेत्र के ग्राम मधवापुर निवासी हरी शुक्ला (38) होमगार्ड था। उसकी तैनाती रामकोट थाने में थी।
एक सप्ताह से हरी को बुखार आ रहा था। परिवार ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने जांच की लेकिन बुखार के कारणों का पता नहीं चला। उसकी प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थी। जिसकी वजह से डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया।
परिवार ने जिले के प्राइवेट अस्पतालों में दिखाया, उन डॉक्टरों ने भी लखनऊ रेफर कर दिया। जिसके बाद परिवार ने हरी को लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर गुरुवार को हरी शुक्ला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी प्लेटलेट्स 13 हजार के करीब पहुंच गई थीं।