फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में मिलेगा हेपेटाइटिस बी व सी इलाज

विज्ञापन
जिला अस्पताल में दवा के लिए लाइन में खड़े मरीज व तीमारदार। -संवाद - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
सीतापुर। हेपेटाइटिस बी व सी के महंगे इलाज से अब मरीजों को छुटकारा मिल सकेगा। इन बीमारियों से परेशान मरीजों को इलाज पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब वे जिला अस्पताल में मुफ्त दवा ले सकेंगे। चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का इलाज होगा। दवाएं जिला अस्पताल में पहुंच गई हैं। मरीजों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन

हेपेटाइटिस बी व सी गंभीर बीमारी है। इस बीमारी की जिला अस्पताल में इलाज की कोई सुविधा नहीं थी। इससे जब भी मरीज आते थे तो चिकित्सक उन्हें संदिग्ध मनाते हुए मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर देते थे। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज कराने में काफी भागदौड़ करनी पड़ती थी। इन बीमारियों से बचने के लिए मरीजों को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। कई बार आर्थिक हालत ठीक न होने से मरीज इलाज भी नहीं करवा पाते थे। अब यह समस्या दूर हो गई है।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी का इलाज शुरू हो गया है। चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का इलाज किया जाएगा। मरीज के शुरुआती लक्षण दिखने से लेकर जब तक वह निगेटिव नहीं हो जाएगा तब तक चिकित्सक इलाज करते रहेंगे। हर तीन माह बाद उसकी जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के औषधि प्रभारी जेपी गौर का कहना है कि अस्पताल में दवाएं आ गई हैं। चिकित्सकों के परामर्श के बाद ही मरीजों को दवाएं दी जाएगी।
हेपेटाइटिस सी का तीन महीने चलता इलाज
चिकित्सकों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी का इलाज तीन माह तक चलता है। एक मरीज को पहले तीन माह तक अपनी जांच व दवाओं के नाम पर करीब 50 हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे। वह भी जब वह मेडिकल कॉलेज लखनऊ में इलाज करवाए। अगर प्राइवेट में इलाज करवाते हैं तो लाखों रुपये इलाज पर खर्च हो जाते। इसी तरह हेपेटाइटिस बी का इलाज लंबे समय तक चलता है। यह एक से दो बरस तक भी हो सकता है। इस दौरान मरीजों को एक लाख से अधिक रुपये दवाओं पर खर्च करना पड़ते थे। अब निशुल्क इलाज मिलेगा।
लखनऊ में सैंपल की होगी जांच
पैथालॉजिस्ट स्वस्ति बाजपेई का कहना है कि जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को पहले अस्पताल के चिकित्सक देखकर शुरुआती जांच करेंगे। उसके बाद खून का सैंपल जांच के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेेजा जाएगा। वहां से पुष्टि होने के बाद मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा।
अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी का इलाज शुरू हो गया है। दवाएं भी आ गई है। यहां आने वाले मरीजों की पहले जांच की जाएगी। जांच में पुष्टि होने के बाद उनको निशुल्क इलाज का लाभ दिया जाएगा।
विज्ञापन

- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें