सीतापुर। मौसम का बिगड़ा मिजाज किसानों के लिए मुसीबत बन गया। तेज हवा से साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सुबह से बारिश के साथ चल रही तेज हवा से ज्यादातर गेहूं व सरसों की खड़ी फसल गिर गई। मौसम की सबसे अधिक मार रामपुर मथुरा क्षेत्र के किसानों पर पड़ी है। 25 फीसदी तक फसलें खराब हुईं हैं। वहीं, जिला कृषि अधिकारी नुकसान का आकलन कराने की बात कह रहे हैं।
जिले में शनिवार को मौसम के तेवर अचानक बदल गए थे। पूरे दिन और फिर रात में भी रुक-रुककर बारिश का सिलसिला चलता रहा। रविवार सुबह भी मौसम के तेवर तल्ख रहे। कभी तेज तो कभी धीमी गति से रुक-रुककर दिनभर बारिश होती रही।
बारिश के साथ तेज हवा चलने से गेहूं व सरसों की फसल खेत में गिर गई। वहीं, रामपुर मथुरा इलाके में दोपहर बाद ओलावृष्टि भी हुई। बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों व अरहर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
किसान ज्ञान सिंह व राम विजय ने बताया कि पांच बीघा सरसों की फसल पककर तैयार थी। ओलावृष्टि से दाने झड़ गए। लगभग 25 फीसदी नुकसान हुआ है। किसान रवींद्र कुमार ने बताया कि तेज हवा से गेहूं की फसल गिर गई है। ओलावृष्टि से पैदावार प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।
किसान फौजदार के मुताबिक अरहर की फसल में फूल आ गए थे। ओलावृष्टि से फूल गिर गए हैं। किसानों का कहना है कि मौसम साफ नहीं हुआ तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि तेज हवा से गेहूं की तीन प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। दोपहर बाद ओलावृष्टि होने से नुकसान का आकलन नहीं कराया जा सका है।
पारा दो डिग्री लुढ़का, बढ़ी सिहरन
मौसम में बदलाव से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में दो-दो डिग्री की गिरावट आई है। दो दिन से हो रही बारिश व तेज हवा ने सिहरन बढ़ा दी है। इससे लोग एक बार फिर ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया था जबकि रविवार को 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री गिरावट के साथ 14 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सोमवार को आंशिक बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं।
जलभराव से आवागमन दुश्वार
महमूदाबाद में नगर की सड़कों पर जलभराव और कीचड़ हो गया है। सिधौली मार्ग से बेहटा छावनी मोड़ पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। वहीं, बारिश व तेज हवा से मोहल्ला सुकईपुर निवासी नौमी लाल के कच्चे मकान के बाहर पड़ा छप्पर अचानक गिर गया। गनीमत रही कि छप्पर के नीचे तखत पर लेटे नौमी बाल-बाल बच गए। (संवाद)
पैदावार प्रभावित होने की आंशका से किसान चिंतित
लहरपुर में दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश व तेज हवा ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। पैदावार प्रभावित होने की आंशका से किसान चिंतित हैं। खानपुर मोहिउद्दीनपुर, गुलरीपुरा, बगदाहा, दुर्गीपुरा, सुल्तानपुर हरप्रसाद, मूडी खेड़ा में तेज हवा के कारण गेहूं की फसल पूरी तरह से गिर गई है। किसान विद्याराम, कमलेश, घूरु, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, कामता प्रसाद, राजित राम, श्रीकृष्णा व कपिल आदि ने बताया कि मौसम साफ नहीं हुआ तो गेहूं, सरसों व अरहर की फसलों की पैदावार प्रभावित होगी।