तपिश लोगों को बेहाल किए है। मंगलवार को तेज धूप से परेशान दिखे लोग।
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यूं तो जेठ की दुपहरी बदन झुलसाने वाली मानी जाती है पर इस बार बैसाख महीना ही जेठ की तपिश का अहसास करा रहा है। आग उगलती सूरज की किरणें और हवा के गर्म थपेड़ों ने जनमानस को बेहाल कर दिया है। तेज धूप व लू के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। पारा 42 डिग्री पर जा पहुंचा है। बढ़ता तापमान इंसान, पशु-पक्षियों के साथ पेड़-पौधों को भी प्रभावित करने लगा है। हालत यह है कि शाम को भी तपन से राहत नहीं मिल पा रही है।
मंगलवार को सुबह से ही सूरज रौद्र रूप दिखाने लगा। 20 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले लू के गर्म थपेड़ों ने हाल बेहाल कर दिया। वैसे तो जेठ महीना शुरू होने में अभी चार दिन बाकी है, लेकिन जाते बैसाख में ही मौसम का तीखा तेवर जेठ का अहसास कराने लगा है। दोपहर होते-होते सूरज की किरणें मानों आग उगलने लगती हैं।
मजबूरी में ही लोग घरों से बाहर निकलते हैं। इस वजह से मंगलवार को शहर की सड़कों, बाजारों, कचहरी आदि भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी सुबह दस बजे के बाद सन्नाटा दिखने लगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। फिलहाल अभी गर्मी से राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।