बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हालत ये है कि चिकित्सक के बगैर स्वास्थ्य टीम स्कूल पहुंच रही है और स्वास्थ्य परीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करके लौट रही है। इससे साफ है कि बच्चों का स्वास्थ्य जांचने के लिए जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम विकास खंड एलिया के उमरसा प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की जांच करने के लिए स्टाफ नर्स सायराबानो पहुंची। नर्स ने यहां मौजूद 52 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिसके बाद स्टाफ नर्स ने अपनी रिपोर्ट तैयार की और चली गई।
बता दें कि सायरा बानो की टीम में डॉ. महेश सोनी, डॉ. शीबा, वसी, फीजियो शिवम शुक्ला हैं। इनमें सदस्य होने के बावजूद सिर्फ स्टाफ नर्स ही बच्चों की जांच करने के लिए पहुंची। स्वास्थ्य परीक्षण में बच्चाें का नेत्र परीक्षण, शारीरिक परीक्षण व तरह- तरह की बीमारियों की जांच होती है।
इस संबंध में जब टीम के चिकित्सक डॉ. महेश सोनी से बात की गई, तब उन्होंने बताया कि वे अवकाश पर हैं। अन्य सदस्य कहां हैं, इसका जवाब किसी के पास नहीं था। लोगों का कहना है कि जब चिकित्सक अवकाश पर थे, तो उनके स्थान पर दूसरे चिकित्सक को तैनात किया जाना चाहिए था और तब टीम भेजी जानी चाहिए थी।
लेकिन जिम्मेदारों ने ऐसा नहीं किया। उधर, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार टीम के चिकित्सक के अवकाश को लेकर अनभिज्ञता जता रहे हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि चिकित्सक को अवकाश पर जाने से पहले सूचना देनी चाहिए थी। स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली से स्पष्ट है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।