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Sitapur News: बर्ड फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Fri, 16 May 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। बर्ड फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सीएचसी अधीक्षक जिले में पशु-पक्षियों के मरने की घटना व संदिग्ध लक्षण मिलने पर नजर रखेंगे। सीएमओ स्तर से बनी टीम इनका अध्ययन करेगी। मरीजों का सैंपल लेकर लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा। हालांकि जिले में अभी कोई ऐसा केस सामने नहीं आया है।
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बर्ड फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल से लेकर सभी सीएचसी को चेतावनी दी गई है। अस्पताल आने वाले मरीजों में अगर सामान्य बुखार, खांसी व नाक बहने की शिकायत मिलती है तो उनका इलाज करते हुए बराबर मॉनीटरिंग करें। अगर चार से पांच दिन बाद भी कोई सुधार नहीं होता है तो उनका सैंपल लेकर लखनऊ भेजा जाएगा। बर्ड फ्लू की जांच की सुविधा जिले में नहीं है लेकिन स्वास्थ्य विभाग मरीजों की फ्री में जांच करवाएगा। मरीज का सैंपल लेकर केजीएमयू लखनऊ भेजा जाएगा। दो से तीन दिन के अंदर रिपोर्ट आ जाएगी। इसके लिए सीएमओ स्तर से एक टीम बनाई गई है। यह टीम इस तरह के मरीजों पर बराबर नजर रखेंगी।



जरूरत के अनुसार रिजर्व होंगे बेड

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। अगर कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो जरूरत के अनुसार तत्काल बेड रिजर्व करते हुए इलाज करवाया जाएगा।
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ये होते हैं लक्षण

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव मिश्रा बताते हैं कि लक्षण दो से आठ दिनों के भीतर शुरू होते हैं और सामान्य फ्लू की तरह लग सकते हैं। खांसी, बुखार, गले में खरास, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। लोगों को यह भी अनुभव हो सकता है कि दर्द की जगह मांसपेशी, पूरे शरीर में अच्छा महसूस न करना या बुखार, नाक संबंधी छींकना या नाक बहना।



ये बरते एहतियात

पक्षियों, जंगली जानवरों और पशुओं के साथ काम करते समय सुरक्षात्मक कपड़े पहने। जैसे दस्ताने मास्क और चश्मा। पक्षियों, जंगली जानवरों और पशुओं को छूते समय या उनके रहने के क्षेत्रों में जाने के बाद अपने हाथों को बार-बार धोएं। ऐसे जानवरों के साथ काम न करें जो बीमार हैं। अगर आप ऐसे इलाकों में गए हैं। जहां जलपक्षी या मुर्गियां जैसे पक्षी रहते हैं तो घर में प्रवेश करने से पहले अपने जूते उतार दें। इससे आपके घर के आसपास पक्षियों की बीट या वायरस से दूषित होने वाली कोई भी चीज फैलने का जोखिम कम हो जाता है।



झोलाछाप से बनाएं रखें दूरी

बर्ड फ्लू को लेकर मरीज भी काफी सावधान रहे। बुखार सहित अन्य सामान्य लक्षण मिलने पर वह झोलाछाप को न दिखाएं। सीधे सीएचसी/जिला अस्पताल से संपर्क करके अपना इलाज करवाएं। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। पशु-पक्षियों से दूरी बनाकर रखें। अस्पताल में इससे निपटने के लिए पर्याप्त सुविधाएं मौजूद है।
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डॉ. सुरेश कुमार, सीएमओ
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