जिले के कई इलाकों में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। अन्य हिस्सों में रिमझिम फुहारें गिरीं। बारिश से मौसम खुशगवार हो गया। वहीं, मौसम में बदलाव से पारा लुढ़क गया, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली।
सोमवार सुबह से ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया। जिले के सिधौली, अटरिया, मिश्रिख, कुतुबनगर इलाकों में झूम के बादल बरसे। दोपहर दो बजे से शुरू हुई बारिश रुक-रुककर 3:40 बजे तक होती रही। बिसवां, रेउसा, कमलापुर, मछरेहटा, पिसावां, महोली आदि जगहों पर कहीं सामान्य बारिश हुई तो कहीं पर रिमझिम फुहारें गिरीं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अगले 24 घंटे में जिले के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने के आसार मौसम वैज्ञानिकों ने जताए हैं।
बारिश की बूंदों की सूरत में आसमान से किसानों के लिए अमृत बरसा। झमाझम बारिश होने से किसान खुशी से झूम उठे। किसान रामकुमार, दर्शनलाल बताते हैं कि मुरझा रही गन्ने की फसल के लिए बारिश ने संजीवनी का काम किया है। किसान रामस्वरूप ने बताया कि बरसात होने से धान की रोपाई भी तेजी पकड़ लेगी।
बारिश ने जल निकासी के इंतजाम की पोल खोलकर रख दी है। तहसील सिधौली में बाजार, महमूदाबाद चौराहा समेत हाइवे पर जगह-जगह जल भराव होने से राहगीरों को दिक्कतें उठानी पड़ी। रोडवेज बस स्टॉप के सामने जल भराव सबसे ज्यादा रहा।
अटरिया कस्बे में हाईवे और नीलगांव मार्ग पर कीचड़ व जल भराव ने लोगों के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। नीलगांव मोड़ पर दुकानों के सामने पानी भर गया। व्यापारी राकेश, आशीष, गुरु प्रसाद व गोपाली ने बताया कि हर साल बरसात में यह समस्या खड़ी हो जाती है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है।