सीतापुर। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया। मार्च के महीने में सर्दी जैसा अहसास होने लगा। सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश, ओले और चल रही ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगह खेतों में खड़ी और कटी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। महमूदाबाद क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
रामपुर मथुरा क्षेत्र के किसान रामसुमिरन ने बताया कि उनकी छह बीघा सरसों की फसल कटी पड़ी थी, लेकिन बारिश से फलियां फट गईं और दाना बाहर निकल गया। रायसेनपुर के अवधेश ने बताया कि आलू की खुदाई के बाद खेत में पानी भर गया है, जिससे फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है और मंडी में उचित मूल्य मिलने की उम्मीद भी कम हो गई है।
मल्लाहनपुरवा के हरीश कुमार ने बताया कि तेज हवा और बारिश से उनकी लाही (सरसों) की फसल खेत में ही नष्ट हो गई। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से गेहूं की पकी फसल गिर रही है।