गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) पूरे देश में शनिवार से लागू हो गया लेकिन जिले के व्यापारी अब तक इस नई कर प्रणाली से अंजान बने हुए हैं। शनिवार को जीएसटी लागू होने के पहले दिन न तो व्यापारियाें के सिस्टम अपडेट हो सके और न ही ग्राहकों को नए टैक्स स्लैब के हिसाब से सामान मिल सका।
जिले के व्यापारी अब भी संशय में है, जो जीएसटी से संबंधित जानकारी रखने वालों से राय ले रहे हैं। कपड़े, सोना-चांदी व अन्य सामान पहले की तरह से ही बिकते नजर आए। ग्राहक भी अभी यही कह रहे हैं कि उसने जो भी माल लिया, वह पुरानी दर पर ही मिला है। इसमें जीएसटी का कोई असर देखने को नहीं मिला है।
जिला मुख्यालय की प्रमुख बाजार लालबाग में हालत सामान्य दिनों जैसे ही दिखे। दुकानदार पुराने ढर्रे की तरह ग्राहकों को उनकी जरूरत का सामान बेच रहे थे। इस दौरान दुकानदारों ने बताया कि किसी को भी जीएसटी के माध्यम से कर देने की बात समझाई नहीं गई है।
अभी तक सिस्टम अपडेट नहीं हो सके हैं। कौन माल, किस रेट में बेचना है, इसको लेकर कोई दिशा-निर्देश अब तक नहीं मिले हैं। बस सुनने में आ रहा है कि जीएसटी लग गया है, अब उसी माध्यम से ही सरकार को टैक्स देना पड़ेगा।
दुकानदारों ने कहा कि अभी तक वे भ्रमित हैं, कि आखिर उन्हें करना क्या है। गृहणियों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजों के दाम तो पहले की ही तरह से नजर आ रहे हैं। बाजार में कपड़े पहले जैसे ही रेट में बिक रहे हैं। तेल, साबुन, शैंपू आदि सामग्री भी उसी रेट में मिली। इससे आखिर जीएसटी लागू होने से क्या फायदा हुआ है और क्या नुकसान हो रहा है। अब तक समझ में नहीं आया।