सीतापुर। मद्रास रेजीमेंट में एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अव्यवस्था पर नाराज हो गईं। उन्होंने अफसरों की जमकर क्लास लगाई। राज्यपाल ने कहा कि मुझे पता होता तो सीतापुर कभी नहीं आती। आप लोग इतने बड़े-बड़े पौधे लेकर आएं हैं लेकिन उनको लगाने के लिए इतने छोटे-छोटे गड्ढे खोदे गए हैं।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल शनिवार को मद्रास रेजीमेंट में एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में पहुंचीं। यहां उन्होंने सफेद चंदन का पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अव्यवस्थाओं पर वह नाराज दिखीं। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का अवसर दिया।
हमें बच्चों को इस कार्यक्रम का महत्व समझाते हुए प्रेरित करते की जरूरत थी, मगर ऐसा नहीं किया गया। जो लोग इस कार्यक्रम के लिए मुझे बुलाने आए थे। उनके साथ मैंने लंबी चर्चा की थी। बताया था कि किस तरह पेड़ को लगाना चाहिए। पेड़ को सलाम करना चाहिए। उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए।
वे सभी अधिकारी यहां उपस्थित हैं। मेरा स्वभाव है कि जो अच्छा काम नहीं करता है, उसको मैं डांट लगाती हूं। इतने बड़े पौधे ले आएं लेकिन छोटा गड्ढा खोद दिया। ऐसे में पौधे कैसे रुकेंगे। वन विभाग यह काम अक्सर करता रहता है। इससे अच्छा होता कि मैं इधर नहीं आती।
राज्यपाल ने कहा कि सेना के जवान इधर हैं। वन विभाग के लोग इधर हैं। पुलिस जवान, एनसीसी, एनएसएस के लोग हैं। इसके बावजूद लापरवाही हुई। कार्यक्रम थोड़ा दिल से आयोजित करने की जरूरत थी। मां को याद करके पेड़ लगाना था। बच्चों को ही पता नहीं कि कैसे पेड़ लगाना है।
वह बोलीं कि हमारे मंत्री भी इधर हैं, उन्हें भी आकर देखना चाहिए था कि सही ढंग से गड्ढा खोदा गया है या नहीं। इस दौरान राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति, राज्यमंत्री, कृष्णपाल मलिक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव, सचिव वन आशीष तिवारी, जिलाधिकारी अभिषेक आनंद, मुख्य विकास अधिकारी निधि बंसल, पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा, ब्रिगेडियर अभिनंदन सिंह, मेजर जनरल सलिल सेठ जीओसी मध्य यूपी सब एरिया लखनऊ कर्नल (एसएसओ) आदि मौजूद रहे।
सब फोटो खिंचाने के लिए तैयार, क्या मैं फोटो खिंचवाने के लिए आईं हूं
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मैं डेढ़ घंटे का सफर तय करके यहां आईं हूं। यह सेना के स्थल पर कार्यक्रम था। इसलिए लगा कि अच्छा कार्यक्रम होगा। आपने बच्चों को पौधा दिया, लेकिन वह कहां लगाएंगे। हमें ऐसे कार्यक्रमों का महत्व समझना होगा। नई पीढ़ी को अच्छा संस्कार देना होगा। सब फोटो खिंचवाने के लिए तैयार दिखे।
यहां टीचर भी फोटो खिंचवाने के लिए आए हैं, उनको पता ही नहीं कि उनकी क्या जिम्मेदारी है। मुझे भी फोटो खिंचवाने के लिए बुला रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को भी यह सुझाव दिया है कि जहां कहीं भी यह कार्यक्रम हो, मां के नाम से गार्डन लगाया जाए लेकिन हमने क्या किया। बच्चों को लेकर आए और बैठा दिया। प्रधानमंत्री कहते हैं कि आजादी का 100वां वर्ष मनाएंगे। यह जिम्मेदारी नई पीढ़ी की है। आंगनबाड़ी में भी सुविधा दी जाए। अधिकारियों को सलाह है कि भविष्य में इन चीजों का ध्यान रखा जाए।
राज्यपाल बोलीं- एक भी पौधा मरना नहीं चाहिए, देखभाल होनी चाहिए
राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम औपचारिक ढंग से हो गया। कोई भी कार्यक्रम करो, दिल से करो। विश्वास से करो। संकल्प लेकर करो। उन्होंने कहा कि एक भी पौधा मरना नहीं चाहिए। लगाए गए सभी पौधों की सही ढंग से देखभाल होनी चाहिए।