सीतापुर। जिले में अभिलेखों में हेरफेर कर सरकारी जमीनों के बंदरबांट का खेल लगातार जारी है। तहसील कार्यालयों में कार्यरत राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से लगातार सरकारी जमीनों के हेरफेर के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला महमूदाबाद तहसील की तुलसीपुर ग्राम पंचायत का है। यहां गाटा संख्या 903 और गाटा संख्या 1045 राज्य सरकार के नाम दर्ज है। खतौनी में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह बंजर भूमि उत्तर प्रदेश सरकार की है। इसके बावजूद बीती 24 मार्च 2023 को नायब तहसीलदार रामपुर मथुरा का एक फर्जी आदेश खतौनी पर चढ़ाया गया।
इस आदेश के मुताबिक इस जमीन को दुलारी पत्नी स्वर्गीय सुकई के नाम कर दिया गया। करीब छह माह तक इस आदेश का किसी को पता नहीं चला। कुछ दिनों के बाद कुछ लोग इस जमीन को विक्रय करने के लिए घूमने लगे तो अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई।
खतौनी में कैसे चढ़ा नाम, बना रहस्य
करीब छह माह बाद तहसीलदार महमूदाबाद ने इस मामले को पकड़ा। इसके बाद उन्होंने खतौनी पर चढ़े आदेश की जांच की। उनकी जांच में आदेश फर्जी पाया गया। इसके बाद उन्होंने एक आदेश कर दोनों गाटों को पूर्व की तरह राज्य सरकार के नाम दर्ज करवाया। वहीं, इस फर्जी आदेश को निरस्त करवाया। हालांकि यह आदेश किस तरह से खतौनी पर चढ़ गया, इसकी कोई जांच अब तक नहीं हो पाई है। इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की गई है। अब तक खतौनी में फर्जी आदेश चढ़ाने वाले की पहचान नहीं हो पाई है।
यह आदेश फर्जी, चल रही जांच
यह प्रकरण संज्ञान में आया है। प्रथम दृष्टया जांच में खतौनी पर चढ़ा नायब तहसीलदार रामपुर मथुरा का आदेश फर्जी पाया गया है। किन परिस्थितियों में यह आदेश चढ़ाया गया, इसकी जांच की जा रही है। इस हेराफेरी के पीछे जो भी शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
- नितीश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व