सीतापुर। पुलिस भर्ती परीक्षा तीसरे दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। अभ्यर्थियों को सघन चेकिंग के बीच से होकर गुजरना पड़ा। गेट पर ही जेवर उतरवा लिए गए। जूता चप्पल बाहर से निकलवा लिए। आखिरी दिन 2167 अभ्यर्थियों ने परीक्षा से छोड़ दी। शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हो जाने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। अब 30 व 31 अगस्त को परीक्षा होगी।
शहर के आठ परीक्षा केंद्रों पर तीन दिन से पुलिस भर्ती परीक्षा चल रही है। आखिरी दिन रविवार को अभ्यर्थी दो घंटे पहले ही केंद्र पर पहुंचे गए। पहले चरण में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
पुलिसकर्मी पहले उनकी सघन तलाशी ली। मोबाइल, पानी की बोतल, गमछा सबकुछ बाहर से रखवा दिया। उसके बाद महिलाओं के जेवर उतरवा दिए। गले में सोने की चेन, अंगूठी व हाथ में कंगन सब बाहर रखवा दिए। ई-केवाईसी के जरिए उनके आधार से सत्यापन किया गया। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनको विद्यालय के अंदर जाने की अनुमति दी गई। कक्षा कक्ष के बाहर उनके जूते उतरवाए गए।
जिलाधिकारी अभिषेक आनंद व एसी चक्रेश मिश्रा ने जीआईसी, जीजीआईसी, म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, आरआरडी, उजागर लाल इंटर कॉलेज, आरएमपी महाविद्यालय, आरएमपी इंटर कॉलेज व जीडीसी का निरीक्षण किया। इन अफसरों ने कंट्रोल रूम जाकर सीसीटीवी के जरिए चल रही परीक्षा की हकीकत देखी। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल व अन्य की जांच की। सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हो गई।
पहली पाली में 3,432 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें 2,322 ने परीक्षा दी। 1110 गैर हाजिर रहे। इसी तरह दूसरी पाली दोपहर तीन से पांच बजे के बीच परीक्षा हुई। इस पाली में पंजीकृत 3432 के सापेक्ष 2375 ने परीक्षा दी। 1057 अनुपस्थित रहे। डीएम ने बताया कि सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हो गई है। अब 30 व 31 अगस्त को इन्हीं केंद्रों पर दो पालियों में पुलिस भर्ती की परीक्षा होगी।
उमड़ी भीड़
दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। वह घर पहुंचने की जल्दी में बसों में चढ़ने को लेकर उतावले रहे। लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली की बसों में लोगों ने खड़े होकर सफर तय किया।
तीन दिन में 6,658 ने छोड़ दी परीक्षा
पुलिस भर्ती परीक्षा में तीन दिन की दो पालियों में 20592 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इस दौरान 6658 ने परीक्षा छोड़ दी। जिसमें पहले दिन 2326 ने परीक्षा छोड़ दी थी। दूसरे दिन 2165 अभ्यर्थी परीक्षा से किनारा कर लिया। रविवार को 2167 ने परीक्षा छोड़ दी।
इस बार सरकारी सिस्टम पर बना रहा भरोसा
इस बार परीक्षा में न तो प्राइवेट कर्मचारी लगाए गए और न ही मान्यता प्राप्त विद्यालयों का सहारा लिया गया। केवल सरकारी सिस्टम पर ही भरोसा किया गया। परीक्षा के लिए बने सभी परीक्षा केंद्र सरकारी विद्यालय थे। परीक्षा में लगे कर्मचारी भी सरकारी थे। जबकि पिछली बार प्राइवेट कॉलेजों को केंद्र बनाया गया था। इन केंद्रों पर विद्यालय के कर्मचारी लगाए गए थे। लेकिन इस बार यह परीक्षा से पूरी तरह दूर ही रहें।