सीतापुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बने खेल मैदानों की हालत दयनीय हो गई है। खेल मैदानों में बकरियां चराई जा रही हैं। देखरेख के अभाव में आसपास लगे पिलर टूट चुके हैं। खेल मैदान के आसपास बड़ी-बड़ी घास उग आई है। मैदान परिसर में गड्ढे हो गए हैं। खेल मैदानों की ऐसी स्थिति देखते ही युवा खिलाड़ी में मायूसी छाई हुई है। वह गांव के गलियों और बागों में खेलने को मजबूर हैं।
मछरेहटा की ग्राम पंचायत हरिपालपुर में बना खेल मैदान केवल नाम का ही खेल मैदान रह गया है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बकरियां चराई जा रही है। खेल मैदान परिसर में गड्ढों के साथ घास-फूस है। आसपास लगे अधिकांश पिलर टूट गए हैं। परिसर के भीतर गंदगी फैली हुई है। गांव के सुनील, विवेक, साहिल आदि युवाओं ने बताया कि खेल मैदान निष्प्रयोज्य है। इसमें कोई भी खेल उपकरण नहीं लगे हैं। यह बदहाली का शिकार हो चुका है। जिम्मेदारों को अवगत कराने के बाद भी खेल मैदान का कोई पुरसाहाल नहीं है।
मछरेहटा विकासखंड की ग्राम पंचायत फत्तेपुर में बने खेल मैदान में भी बड़ी-बड़ी घास है। जिम्मेदारों द्वारा साफ-सफाई नहीं कराई गई है। परिसर में युवाओं के लिए कोई खेल उपकरण नहीं लगे है। खिलाड़ी राहुल ने बताया कि काफी दिनों से खेल मैदान की साफ-सफाई नहीं की गई है। इससे मैदान में खेलने से जीव-जंतु का डर लगा रहता है। इंटरलॉकिंग के किनारे घास खड़ी है। खेल मैदानों की ऐसी हालत होने पर युवा खिलाड़ियों में आक्रोश व्याप्त है।