सीतापुर। दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ की तरफ से आयोजित शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों व ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों का प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हुआ। छह दिवसीय वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं।
जिला ग्राम्य विकास संस्थान में तीन जुलाई से 12 अगस्त तक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों को छह दिवसीय आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेन के रूप में तैयार किया गया है। अब यह अनुदेशक परिषदीय विद्यालयों में छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न कौशल सिखाकर उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाएंगे।
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण में सिखाए गए कौशल विद्यालय की छात्राओं को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूती प्रदान करेंगे। प्रशिक्षक प्रीति पांडेय ने प्रशिक्षुओं को आत्मरक्षा, आत्मसुरक्षा और आत्मबल के विकास से जुड़ी तमाम जानकारियां दीं। उन्होंने मार्शल आर्ट, ताइक्वांडो के स्टांस, ब्लॉक्स, पंच किक आदि गतिविधियों का हुनर सिखाया। किसी भी अप्रत्याशित घटना पर बचाव के लिए मानव शरीर के नाजुक अंगों पर प्रहार की विधि बताई। आत्मरक्षा के लिए प्रयोग में आने वाली सामग्रियों के बारे में भी अवगत कराया। प्रशिक्षणार्थियों ने कन्या भ्रूण हत्या, मानव तस्करी, एसिड अटैक, बालिका शिक्षा, बाल अपराध, महिला हेल्प लाइन आदि विषयों पर ग्रुप चर्चाएं की। इस दौरान जिला व्यायाम शिक्षक राज शर्मा, राजेंद्र पाल, राजेश शर्मा, हिमांशू, धनंजय आदि मौजूद रहे।