शादी की रस्म-ओ-रिवायत के बीच उस समय अचानक खामोशी छा गई जब लड़की ने शादी से इन्कार कर दिया। लड़की का कहना है कि वह शराबी व दहेज लोभी की जीवन संगिनी बनने से अच्छा मर जाना पसंद करेगी।
घर वालों ने भी लड़की के निर्णय को अंतिम मानते हुए रस्में रुकवा दीं। इसके बाद बिना दुल्हन के ही बारात लौट गई। लड़की के इस फैसले की सभी सराहना कर रहे हैं थाना सदरपुर क्षेत्र के जहांगीराबाद के मजरा मीनापुर निवासी चांदनी पुत्री विशुन कुमार की शादी थी।
चांदनी का विवाह बाराबंकी जिले के तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र के गौरा गजनीपुर निवासी अनूप पुत्र तीरथराम से होना था। बीती रात बारात आने पर लड़की पक्ष के लोगों ने बारातियों को खूब स्वागत सत्कार किया। बारात द्वार पूजन के लिए लड़की के दरवाजे पर पहुंची।
बारात में बैंड बाजा न होने पर लड़की वालों ने नाराजगी जताई, लेकिन बाद में शादी की रस्में आगे बढ़ने लगीं। रात में बारातियों ने खाना खाया। इसके बाद जब दूल्हा फेरों के लिए मंडप के नीचे आया तो वह नशे में धुत था। दूल्हे और उसके पिता ने लड़की के पिता से सोने की चैन मांगी।
कहा कि जब सोने की चेन मिलेगी, तभी फेरे होंगे। लड़की के पिता ने कहा कि वह पहले ही मांग के मुताबिक दहेज दे चुका है। अब चेन की मांग सही नहीं है। इस पर शराबी दूल्हा हंगामा करने लगा। इस पर दुल्हन भड़क गई। उसने दहेज लोभी व शराबी से शादी करने से इंकार कर दिया।
ल्हन अपने पिता से बोली, चाहे मुझे आप जान से मार दीजिए, लेकिन वह शराबी से शादी नहीं करेगी। इस पर लड़की वालों ने शादी से मना कर दिया और दोनों पक्षों में आपसी सहमति के बाद लड़के वालों ने तिलक में दिया गया सामान वापस कर दिया। बारात बैंरग लौट गई।