घाघरा नदी के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी होने लगी है। इससे नदी की कटान फिर से तेज हो गई है। इससे लोगों में हड़कंप मच गया है। बैराजों से छोड़े गए दो लाख क्यूसेक पानी के कारण नदी का पानी दो फीट तक बढ़ा है। प्रशासन नदी के जलस्तर व कटान पर नजर रख रहा है।
बीते दो दिनों से घाघरा नदी शांत थी। पानी भी काफी घट गया था। इस वजह से तटीय क्षेत्र के बाशिंदों ने राहत की सांस ली थी। गुरुवार देर रात से नदी के पानी में फिर से इजाफा होने लगा है।
शुक्रवार दोपहर तक नदी के जलस्तर में करीब दो फीट का इजाफा हुआ। इससे नदी ने तटीय क्षेत्र में कटान शुरू कर दी है। नदी तटीय इलाके के कोनी, दुर्गापुरवा, पासिनपुरवा, नगीनापुरवा, गोड़ियनपुरवा आदि गांवों के निकट कटान कर रही है।
नगीनापुरवा के निकट मौजूद त्यागी बाबा आश्रम की जमीन कटकर नदी में समा रही है। दूसरी तरफ नदी के बीच टापू पर बसे पचीसा गांव में भी कटान तेज होने लगा है। इससे पचीसा टापू के बाशिंदों में हलचल तेज हो गई है।
जलस्तर बढ़ने की भनक लगते ही प्रशासन अलर्ट हो गया है। खुद एसडीएम बिसवां दीपेंद्र यादव नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। लेखपालों की टीम को तटीय क्षेत्र के गांवों को भेजा गया है।
नदी का जलस्तर बढ़ते देख एक बार फिर से तटीय क्षेत्र की आबादी में हड़कंप मच गया है। उधर बनबसा, शारदा व घाघरा बैराजों से 208221 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना जताई है।