सीतापुर। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अब आशा कार्यकर्ताओं व संगिनी की जिम्मेदारी को बढ़ाया गया है। इसकी पहल करते हुए जिलाधिकारी ने सभी आशा कार्यकर्ताओं व संगिनी को सीधे एक पत्र लिखकर उनकी हौंसला अफजाई करते हुए गर्भवती की नियमित जांच व निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने आशा कार्यकर्ताओं को भेजे पत्र में कहा है कि गर्भवती का प्रथम तिमाही (गर्भ के तीन महीने के भीतर) सौ फीसदी पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के माध्यम से गर्भवती की कम से कम एक बार निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच भी अवश्य करवाई जाए। उच्च जोखिम वाली महिलाओं को ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा इकाई पर जाकर जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ाने का भी पूरा प्रयास किया जाए।
पत्र में अनुरोध किया गया है कि आशा कार्यकर्ता प्रसूता को 48 घंटे तक अस्पताल में रुकने के लिए प्रेरित करने के साथ ही बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध करवाने व बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने का कार्य भी सुनिश्चित कराए। कम वजन के बच्चे (250 ग्राम से कम) को भी चिह्नित कर एसएनसीयू में भर्ती कराकर उनका इलाज करवाया जाए।