सीतापुर। सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए कराए गए कार्य की फाइल सोमवार को सीआरएस ऑफिस में जमा हो गई है। अब रेल संरक्षा आयुुक्त की ओर सीआरएस के लिए तारीख तय करना है। तारीख मुकर्रर होते ही रेल संरक्षा आयुक्त निरीक्षण करेंगे। अगले सप्ताह सीआरएस होने की उम्मीद बढ़ गई है।
लखनऊ से सीतापुर तक इलेक्ट्रिक लाइन होने के बाद सीतापुर से लखीमपुर तक विद्युतीकरण का कार्य हो चुका है। 28 नवंबर को सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर सफल ट्रॉयल किया जा चुका है। इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए सीआरएस होना बाकी है।
इसी को लेकर सीतापुर-लखीमपुर रूट पर कराए गए कार्यों की फाइल बनाकर गोरखपुर मंडल को भेजी गई थी, जहां पर रेलवे के अधिकारियों की ओर से मुहर लगना बाकी था। आरबीएनएल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा ने बताया कि गोरखपुर मंडल के सभी अधिकारियों ने फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे वीके त्रिपाठी ने फाइल पर अनुमोदन करने के बाद सीआरएस के लिए उसे रेल संरक्षा आयुक्त लतीफ अहमद को भेज दी है। आरबीएनल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा का कहना है कि फाइल सोमवार को सीआरएस ऑफिस पहुंच गई है।
अब संरक्षा आयुक्त की ओर से सीआरएस की तारीख का मिलने का इंतजार किया जा रहा है। सीआरएस की तारीख उन्हीं की ओर से तय की जानी है। संभावना है कि अगले सप्ताह सीआरएस हो सकता है।
सीआरएस के लिए रविवार को आरबीएनएल के मुख्य परियोजना अधिकारी निश्चल श्रीवास्तव ने सेक्शन प्रभारी, रेलवे की कार्यदायी संस्था कल्पतरू प्राइवेट ट्रांसमिसन, आरबीएनएल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा के साथ सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक का सीतापुर से बाई रोड, जबकि लखीमपुर से टावर वैगन से निरीक्षण किया था।