जिले के गांजरी क्षेत्र में बाढ़ का पानी घट रहा है, लेकिन मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विभिन्न बैराजों से मंगलवार को नदी में करीब पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इससे जलस्तर एक बार फिर से बढ़ेगा। इससे बाढ़ग़्रस्त क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही है। मंगलवार सुबह से रेउसा क्षेत्र के निर्मल पुरवा, रामलाल पुरवा, सिसैया बाजार, कोनी आदि दर्जन भर गांवों में भरा बाढ़ का पानी कम पड़ने लगा है।
इसके बावजूद ग्रामीणों को राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी अभी इतना कम नहीं पड़ा है कि बाढ़ का खतरा टल गया हो। उधर, तीनों बैराजों से मंगलवार को करीब 171976 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
यह पानी जब इधर से गुजरेगा, तो तबाही हो सकती है। इससे डरे ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन को मजबूर हैं। वहीं गांजर के कई क्षेत्रों में पानी के मामूली कम होने के कारण अब गांवों में कीचड़ व जलभराव जैसे हालात बने हुए हैं।
कई गांवों में हैंडपंप पानी में डूबे हुए हैं। इससे लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। दूषित पानी पीने की वजह से लोगों के बीमार होने का खतरा बढ़ रहा है।