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Sitapur News: मुआवजे की मांग पर रोका अंंतिम संस्कार

Thu, 15 Jun 2023 08:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। रिपोर्ट दर्ज कराने, मुआवजा दिलाने और राशन का इंतजाम करने की मांग को लेकर परिजनों ने राजमिस्त्री का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। अंतिम संस्कार से इनकार किए जाने की जानकारी पर कई थानों की पुलिस के साथ ही एसडीएम और सीओ मिश्रिख भी मौके पर पहुंच गए। दोपहर में आश्वासन पर परिजन माने और फिर अंतिम संस्कार किया।
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संदना थाना क्षेत्र के जमुनापुर निवासी हरिनाम (32) राजमिस्त्री था। बुधवार सुबह उसका शव सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर कुरौनागांव के पास सड़क किनारे पड़ा मिला था। मौके से शराब की दो खाली बोतलें, दो खाली ग्लास और मोबाइल फोन भी मिला था। उसकी पत्नी राजेंद्री ने कुरौना निवासी एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए थे, क्योंकि मंगलवार शाम हरिनाम उसी व्यक्ति के साथ बाइक से गया था।
पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को ही शव परिजनों को सौंप दिया गया था, लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं किया। घर में ही शव रखकर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। हंगामे की आशंका में सिधौली, मिश्रिख, मछरेहटा और नैमिषारण्य का पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया।
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पत्नी को समझाने का सिलसिला सुबह से ही चल रहा था, लेकिन सफलता दोपहर में मिली। एसडीएम मिश्रिख अनिल रस्तोगी और सीओ सुशील कुमार यादव ने राजमिस्त्री के परिजनों को किसान बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए आश्वस्त किया। अंतिम संस्कार कराने और तेरहवीं के लिए राशन की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी भी प्रशासन ने ली। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।

कार्रवाई की नहीं भूखे बच्चों की सता रही चिंता
हरिनाम की मौत को लेकर कार्रवाई की बात तो उठी, लेकिन इसके पीछे कोई मजबूत तर्क नहीं आया। दरअसल, परिजनों के सामने भी बड़ी समस्या है। हरिनाम राजमिस्त्री था और किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करता था। टिन डालकर परिवार रहता था। हरिनाम के तीन बच्चे हैं। पत्नी राजेंद्री को सबसे ज्यादा चिंता अपने भूखे बच्चों की थी। दो चार दिन तो कोई उसकी मदद सहानुभूति में कर देगा, लेकिन आगे उसे कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। लाचारी और बेबसी इतनी थी कि अंतिम संस्कार तक के लिए उसके पास पर्याप्त रुपये नहीं थे। जब प्रशासन ने इंतजाम किया, तब शव का अंतिम संस्कार हुआ।
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