सीतापुर। खैराबाद में कोऑपरेटिव सोसाइटी के नाम पर ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई को विभिन्न स्कीमों में जमा करवाया गया। इसके बाद परिपक्वता अवधि पूर्ण होने पर कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों से पैसा कलेक्ट कर सोसाइटी में जमा करने वाले एजेंट ने सोसाइटी के अधिकारियों के विरुद्ध तहरीर दी। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू हो गई है।
कमाल सरांय निवासी रामस्वरूप ने बताया कि वह दिलोनी अर्बन मल्टी स्टैंडर्ड क्रेडिट एंड क्रिप्ट कोआपरेटिव सोसाइटी में बतौर एजेंट काम करता था। यह सोसाइटी कृषि मंत्रालय में पंजीकृत है। बताया कि इस कंपनी में बाराबंकी जिले के लालपुर थाना क्षेत्र के ग्वाडी वरौता गांव निवासी रामकृष्ण चतुर्वेदी बतौर ब्रांच हेड मैनेजर व खैराबाद थाना क्षेत्र के माखूपुर निवासी ब्रांच मैनेजर नागेंद्र शुक्ला कार्यरत थे।
बताया कि पीड़ित ने डेली डिपाजिट व डिवेजर स्कीम में कई लोगों का लाखों रुपया कलेक्ट करके जमा किया था। यह पैसा वह दोनों ही अधिकारियों को लाकर देते थे, अधिकारी उसे स्कीम के तहत जमा करते थे। बताया कि कई बार यह दोनों अधिकारी डायरेक्ट क्लाइंट मीटिंग भी लेते थे। जिसमें निवेशकों को बुलाकर संवाद किया जाता था। बताया कि कई ग्राहकों की परिपक्वता अवधि पूरी होने पर उन्हें पैसा नहीं दिया।
जानकारी पर पता चला कि अधिकारियों ने लोगों का पैसा हड़प लिया है। पीड़ित को गबन की जानकारी तब हई जब ग्राहकों ने उसे इस संबंध में बताया। उसने अधिवक्ता के माध्यम से कई लीगल नोटिस दोनों अधिकारियों को भेजे गए। जिसका उन्हाेंने जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।