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महिला समूह के नाम पर चार लाख हड़पे

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सिधौली (सीतापुर)। एक एनजीओ द्वारा 17 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनके नाम से निजी बैंक से करीब चार लाख रुपये का ऋण लिया। इसके बाद एनजीओ रफूचक्कर हो गई। ऋण देने वाली संस्था ने महिलाओं को नोटिस भेजा तब इस धोखाधड़ी का पता चला। पीड़ित महिलाओं ने शुक्रवार को एसडीएम व कोतवाल से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।
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ब्लॉक सिधौली की ग्राम पंचायत हरदोइया में रहने वाली पूनम, शांती, चांदनी, शिवशंकर ,रेखा, किरन, शायरा आदि ने उप जिलाधिकारी किशुंक श्रीवास्तव व कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार से मिलकर बताया कि 10 माह पूर्व भानु प्रताप, अंबिका सिंह व अंकिता निवासीगण मोहल्ला संतनगर पश्चिमी सिधौली ने खुद को अनंत सेवा संस्थान के पदाधिकारी बताकर उन्हें चरखा पर सूत कातने का रोजगार उपलब्ध कराने का झांसा दिया।
इसके बाद 17 महिलाओं का समूह बनाकर एक निजी संस्था से प्रति महिला 23,900 रुपये के हिसाब से ऋण लिया। फिर चरखा व सूत खरीदने का कहकर सारी रकम ले ली और रफूचक्कर हो गए। ऋण देने वाली संस्था ने जब महिला समूह को नोटिस भेजा तब महिलाओं को धोखाधड़ी का पता चला।
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पीड़ित महिलाओं ने शिकायती पत्र देकर जांच व कार्रवाई की गुहार लगाई है। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को शिकार बना चुकी है एनजीओ
यह एनजीओ रोजगार दिलाने का झांसा देकर इससे पहले खैराबाद क्षेत्र की 184 महिलाओं का समूह बनाकर 30 लाख रुपये का चूना लगा चुकी है। इस मामले की शिकायत के बाद भी पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
दरअसल, सिधौली और कमलापुर से संचालित अनंत जनसेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने खैराबाद थानाक्षेत्र के धरैंचा निवासी राकेश कुमार की मदद से कई गांवों की 184 महिलाओं को जोड़कर एक समूह बनाया था। महिलाओं को चरखा मुहैया कराते हुए सूत कातने के रोजगार का झांसा दिया गया।
यह भी भरोसा दिलाया कि तैयार माल वह खरीदकर सप्लाई करेंगे। महिला समूह के नाम पर उक्त एनजीओ द्वारा 30 लाख रुपये का कर्जा एक प्राइवेट बैंक से लिया गया। इसके बाद सारा रुपया लेकर एनजीओ के लोग रफूचक्कर हो गए।
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