कमलापुर (सीतापुर)। जिम्मेदारों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन हड़पने का खेल हो रहा है। एक सचिव ने बिना प्रधान की जानकारी के मनरेगा से ड्रेन निर्माण का प्राकलन बनाकर आईडी जनरेट की। प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर व मुहर लगाकर भुगतान किया गया।
फर्जी रूप से दूसरे भुगतान को प्रस्तुत करने पर प्रधान को जानकारी हुई। प्रधान ने सचिव, टीए व रोजगार सेवक के विरुद्ध जांचकर दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए डीएम समेत अन्य अफसरों से शिकायत करते हुए थानाध्यक्ष को भी प्रति भेजी है।
मामला विकास खंड कसमंडा की ग्रामसभा जैतनपुर का है। यहां की प्रधान पुष्पा देवी ने डीएम को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि किशुनखेड़ा नहर से आरसीसी तक ड्रेन का प्राकलन मेरी बिना जानकारी के बनवाया गया है।
आईडी जनरेट कराकर फर्जी हस्ताक्षर एवं मुहर लगाकर डिमांड बनाकर फर्जीवाड़ा कर फर्जी भुगतान खेल प्रारम्भ किया गया है। इसमें सचिव, तकनीकी सहायक एवं रोजगार सेवक की मिलीभगत है। बिना कार्य कराए ही कुछ भुगतान कर लिया गया है।
प्रधान का कहना है कि उन्हें जानकारी तब हुई, जब 10920 रुपये के दूसरे भुगतान को प्रस्तुत किया गया। इसका कवरिंग पत्र शिकायत के साथ अटैच किया है। प्रधान पति ने बताया कि प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर एवं मुहर लगाकर मनरेगा के तहत राशि का दुुरुपयोग किया जा रहा है।
प्रकरण गंभीर है। पूरे मामले की जांच कराने के बाद जो दोषी पाए जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-सुशील कुमार सिंह, उपायुक्त, श्रम रोजगार