शहर के चौदह चौराहे नए लुक में नजर आएंगे। प्रशासन की ओर से चौराहे चिह्नित कर इनकी सूरत बदलने का खाका खींचा जाएगा। इन्हें संवारने और देखरेख का जिम्मा स्वयं सेवी संस्थाओं को देने की कवायद की जा रही है। अफसरों को मॉनीटरिंग में लगाने के अलावा डीएम सारिका मोहन भी इस काम पर निगाह रखेंगी। शहर के ज्यादातर चौराहे अभी तक अपने प्राकृतिक स्वरूप (किसी भी तरह के निर्माण से वंचित) में हैं।
लिहाजा, यातायात के बढ़ते दबाव से चौराहों पर जहां जाम के हालात पैदा हो जाते हैं, वहीं हादसे का खतरा भी बना रहता है। डीएम सारिका मोहन ने इसके लिए शहर के चौदह व्यस्ततम चौराहे चिह्नित किए हैं। इन चौराहों पर गोल चबूतरा बनाकर उस पर लोहे की ग्रिल और रात में उजाले के लिए लाइटें लगवाने की योजना बनाई गई है। इस काम के लिए शहर की प्रमुख स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
एक चौराहे पर निर्माण उसके बाद देखरेख का जिम्मा एक स्वयं सेवी संस्था को सौंपा जाएगा। मसलन, वैदेही वाटिका की सूरत बदलने को रोटरी क्लब तथा हेड पोस्ट ऑफिस चौराहे को संवारने का जिम्मा लायंस क्लब को दिया जा सकता है। इस तरह चौदह चौराहों को संवारने के साथ बाद में उनकी देखरेख के लिए इतनी ही स्वयं सेवी संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू की गई है।