सीतापुर। 22 साल पहले एक बैंककर्मी के साथ हुई मारपीट व दलित उत्पीड़न के मामले में अपर सत्र न्यायधीश राहुल कात्रायन ने आरोपी को चार वर्ष के सश्रम कारावास के साथ व साढ़े चार हजार का जुर्माना लगाने की सजा सुनायी है। सिधौली कोतवाली क्षेत्र में आने वाली ग्रामीण बैंक की बेहमा शाखा के कैशियर राम प्रसाद गौतम द्वारा 17 मई 1999 को सिधौली थाने में एक मारपीट व उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
तहरीर में बताया गया था कि आरोपी विनीत कुमार सिंह निवासी शेखवापुर थाना महमूदाबाद एक चेक कैश कराने बैंक आया था। इस दौरान मामलू तकरार के बाद उसने बदसलूकी की थी। घटना के एक सप्ताह बाद जब पीड़ित कैशियर अपने अन्य सहयोगियों के साथ बैंक बंद करके घर वापस लौट रहे थे थे।
तभी रास्ते में आरोपी विनीत ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दुर्व्यवहार करने के साथ मारपीट की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय में वाद की सुनवायी के दौरान उजागर हुए साक्ष्य के बाद इस मामले में दलित के साथ हुई मारपीट व बदसलूकी का मामला साबित होने के बाद न्यायालय ने आरोपी विनीत कुमार सिंह को चार वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही साढ़े सात हजार का अर्थदंड भरने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस वाद की पैरवी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी लालचंद गुप्ता ने की।