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भाजपा व सपा समेत चारों प्रत्याशी मैदान में

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सीतापुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर नामांकन दाखिल करने वाले किसी भी प्रत्याशी ने मंगलवार को नामांकन वापस नहीं लिया। इससे अब तक लगाई जा रही तमाम तरह की अटकलों पर विराम लग गया है। भाजपा, सपा व दो निर्दलीय उम्मीदवार समेत चारों प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं। अब चुनाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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तीन जुलाई को होने वाले मतदान और मतगणना को लेकर प्रशासन जहां अपनी तैयारियों में जुटा है, वहीं प्रत्याशी कुर्सी पर काबिज होने के लिए अपने हर दांव-पेंच का बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं। जिले की प्रथम नागरिक यानी की जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर सत्ता और विपक्ष की नजरें थीं।
प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव के लिए 26 जून को भाजपा प्रत्याशी श्रद्धा सागर व सपा प्रत्याशी अनीता राजवंशी ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन किया था। इसके साथ ही प्रीती सिंह रावत और चंद्र प्रभा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया था। जांच में सभी नामांकन वैध पाए गए थे। इसके बाद से नामांकन वापसी की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी।
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पिछले दिनों से तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी था। इसके लिए विभिन्न स्तरों से प्रयास भी किए गए। मंगलवार को नामांकन वापसी थी। नामांकन वापसी का समय तीन बजे तक था, लेकिन निर्धारित समय शाम तीन बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित डीएम न्यायालय में कोई भी प्रत्याशी नामांकन वापसी के लिए नहीं पहुंचा। समय पूरा होते ही नामांकन वापसी की अटकलों पर विराम लग गया है।
आरओ डीएम विशाल भारद्वाज न्यायालय कक्ष में मौजूद रहे, लेकिन कोई भी प्रत्याशी नामांकन वापसी के लिए नहीं पहुंचा। नामांकन करने वाले सभी चारों प्रत्याशी चुनावी मैैदान में डटे हैं। अब इनके भाग्य का फैसला तीन जुलाई को होगा। 79 जिला पंचायत सदस्य तय करेंगे कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर वह किसे काबिज कराएंगे। इसके लिए तीन जुलाई तक इंतजार करना होगा।
कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में तीन जुलाई को सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक मतदान होगा। इसके बाद पड़े मतों की गणना की जाएगी। गणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।
तेजी से बदल रहा राजनीतिक घटनाक्रम
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में शुरुआत से ही भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर के आसार दिख रहे थे, लेकिन समय के साथ राजनीतिक घटनाक्रम भी बदलता जा रहा है। हालांकि, इसके बाद भी सपा खुद को मजबूती के साथ प्रत्याशी को जिताने का दावा कर रही है।
वहीं 15 जिला पंचायत सदस्य की सीटें जीतने वाली भाजपा ने बाद में 12 और सदस्यों को पार्टी में शामिल कराकर अपने पाले को मजबूत करने का संदेश दिया है। सियासी गलियारों में भी इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पहले से ही सपा और भाजपा में काफी जोर आजमाइश चल रही थी।
अभी और चढ़ेगा सियासी पारा
वैसे तो जिला पंचायत अध्यक्ष पद के होने वाले चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही गर्मी के संग सियासी तापमान भी बढ़ने लगा था, लेकिन नामांकन के बाद से जोर आजमाइश और तेज हो गई है। अब मतदान और मतगणना का समय बेहद करीब आ चुका है।
ऐसे में इस बात से कतई इनकार नहीं किया जा सकता है कि सियासी पारा अपने उफान पर नहीं होगा। कुर्सी पर काबिज होने के लिए भाजपा भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ने के मूड में है। इस चुनाव में मुख्य विपक्षी दल के रूप में सामने आई समाजवादी पार्टी भी आरपार की लड़ाई के मूड में है।
कलेक्ट्रेट में रहे सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मंगलवार को नामांकन वापसी को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह दस बजे से तीन बजे तक नामांकन वापसी का समय था। इस दौरान होने वाले माहौल को भांपते हुए शहर कोतवाल टीपी सिंह को कलेक्ट्रेट सभागार में तैनात किया गया था। कोतवाल के अलावा भारी पुलिस फोर्स मुस्तैद रही। दमकल की गाड़ियों के साथ कर्मचारी भी डटे रहे।
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