सीतापुर। मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र में रविवार को दो लग्जरी गाड़ियों, असलहों व भारी संख्या में कारतूस के साथ संदिग्ध हालात में फर्रुखाबाद निवासी व हरदोई के सवाइजपुर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व बसपा प्रत्याशी अनुपम दुबे को पकड़ा गया था। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें 12 साथियों समेत सोमवार सुबह छोड़ दिया गया। जांच में कानपुर पुलिसकर्मियों के हत्याकांड का अनुपम दुबे से कोई ताल्लुक नहीं निकला। दो गाड़ियों में कई लोग सवार होने और धारा 144 का उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
मिश्रिख कोतवाली पुलिस ने रविवार को चेकिंग के दौरान नैमिषारण्य से लौट रहे दो लग्जरी गाड़ियों में सवार 13 लोगों को भारी संख्या में लाइसेंसी हथियार, कारतूस के साथ संदिग्ध हालात में रोका था। लाव-लश्कर व असलहों के साथ रोके गए लोगों को देख पुलिस को संदेह हुआ कि कहीं ये लोग चर्चित कानपुर के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिस कर्मियों के हत्या के आरोपी विकास दुबे से इनका ताल्लुक तो नहीं है। संदेह पर पुलिस ने दोनों वाहनों में सवार लोगों को संदना थाने ले जाकर घंटों पूछताछ की थी।
पूछताछ में पता चला कि एक कार में सवार फरुखाबाद के फतेहपुर क्षेत्र निवासी बसपा नेता व हरदोई की सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े चुके डॉ. अनुपम दुबे हैं। उनके साथ उनके 12 अन्य साथी अतुल दुबे, सुभाष चंद्र मिश्रा, नरेंद्र सिंह, मोहम्मद अकरम, कुलदीप त्रिपाठी, देवी प्रसाद, श्याम सुंदर शर्मा, सरोज शर्मा, दीपक गुप्ता, आशुतोष मिश्रा, विश्वमोहन व हरिओम शुक्ला हैं।
इनके पास से छह रायफल, 150 कारतूस व छह खोखा, दो लाइसेंस पिस्टल व उनकी 21 कारतूस, एक डीबीबीएल गन व उसकी 29 कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में पुलिस को सब कुछ संतोषजनक मिला। हालांकि, इन लोगों पर धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है। दो गाड़ियों में सवार 13 लोग बिना मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते पाए गए। इन लोगों के खिलाफ संबंधित मामलों में केस दर्ज किया गया। सोमवार सुबह सभी को जमानत देकर छोड़ दिया गया।
मिश्रिख कोतवाल इंद्रजीत सिंह का कहना है कि अनुपम दुबे का कानपुर हत्याकांड से कोई वास्ता नहीं निकला। दो गाड़ियों में उनके कई साथी सवार थे, जिससे कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए जारी एडवायजरी का उल्लंघन होता पाया गया। धारा 144 लागू होने के कारण इन मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। असलहों की जांच की गई तो वह उन्हीं लोगों के पास थे, जिनके नाम लाइसेंस है। जांच के बाद उनको निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।
कानपुर की घटना से नहीं कोई वास्ता
सीओ मिश्रिख अभय कुमार मल्ल का कहना है कि जांच की गई। अनुपम दुबे के साथियों के साथ नौ असलहे थे, जो धारा 144 का उल्लंघन है। दो गाड़ियों में कई लोग सवार थे। जिससे कोविड-19 महामारी से बचाव का भी उल्लंघन होता पाया गया। मामला दर्ज किया गया और निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ दिया गया है। कानपुर की घटना से इस मामले का कोई वास्ता नहीं है।