दुधवा के जंगल से भटककर लहरपुर पहुंचे गैंडे से क्षेत्र में दहशत है। शनिवार को गैंडा लहरपुर के आसपास के क्षेत्रों में दौड़ लगाता रहा। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम भी उसके पीछे-पीछे दौड़ती रही। यहां अचानक दोपहर में वन कर्मियों का गैंडे से सामना हो गया। खतरा भांप वन कर्मी भाग खड़े हुए। वहीं रेंजर ने किसी तरह आम के पेड़ के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई।
हालांकि इसी बीच गैंडा भी सूंघते हुए पेड़ के पास पहुंच गया था लेकिन रेंजर की जान खतरे में देख ग्रामीणों ने हांका लगाया तो वन्यजीव खेतों में जा छिपा। उधर, वन विभाग की टीम लखीमपुर से विशेषज्ञों के आने का इंतजार कर रही है। इससे पहले 11 दिसंबर को यह गैंडा भटककर लहरपुर आ गया था। टीम ने दो दिनों की मशक्कत के बाद उसे किसी तरह लखीमपुर खीरी के मदारपुर गांव पहुंचा दिया था लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर गैंडा सीतापुर जिले की सीमा में पहुंच गया।
देर रात गैंडा लहरपुर से करीब 10 किमी. दूर हरगांव के इब्राहिमपुर में देखा गया। शनिवार सुबह भगौतीपुर के कुछ ग्रामीण खेतों की तरफ जा रहे थे। इसी बीच उनकी नजर खेत में खड़े गैंडे पर पड़ी। गैंडे को देखते ही ग्रामीण भाग गए। कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग को तत्काल सूचना दी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ कॉम्बिंग शुरू कर दी। उधर, शोर सुनते ही खेतों में छिपा गैंडा दौड़ लगाने लगा।
फसल की देखभाल में जुटे कई किसान उसके सामने आते-आते बचे। कुछ ने पेड़ पर चढ़कर गैंडे से पीछा छुड़ाया। दोपहर में वन विभाग की टीम कॉम्बिंग कर रही थी कि इसी बीच अचानक गैंडा झाड़ियों से निकल आया और पीछे मुड़कर दौड़ पड़ा। गैंडे के पीछे मुड़ते ही साथी वनकर्मी भाग निकले। जबकि रेंजर ने कुछ दूरी पर लगे एक पेड़ की ओट में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हालांकि इस बीच गैंडा सूंघते हुए पेड़ के पास आकर खड़ा हो गया।
रेंजर पर संकट देख वहां मौजूद ग्रामीणों ने एक बार फिर से शोर मचाया और गैंडे की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों की भीड़ अपने तरफ बढ़ते देख, गैंडे ने रेंजर का पीछा छोड़ा और खेतों की तरफ निकल भागा। गैंडे के जाने के बाद रेंजर की जान बच सकी। उन्हें इस दौरान कुछ चोटें भी आ गईं। शाम को गैंडा बेहड़ा कुदारा गांव के बीच से गुजरता हुआ खेतों में छिप गया। निगरानी में जुटे वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गैंडे को काबू में करने के लिए लखीमपुर वन विभाग से एक्सपर्ट सीतापुर पहुंच रहे हैं।
ट्रैंकुलाइजर गन की मदद से गैंडे को काबू में किया जाएगा। इसके बाद उसे दुधवा जंगल ले जाया जाएगा। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने ग्रामीणों को गैंडे का पीछा न करने व उससे दूर रहने को कहा है। टीम गैंडे पर नजर बनाए हुए है। लखीमपुर से विशेषज्ञ आते ही गैंडे को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। रेंजर जीडी यादव ने बताया कि शनिवार रात गैंडा लहरपुर से करीब 10 किमी. दूर हरगांव के इब्राहिमपुर में देखा गया। उनकी मानें तो गैंडा उलटी दिशा की ओर बढ़ रहा है।