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दो और गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Wed, 12 Jul 2017 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बारिश
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घाघरा विकराल रूप लेती जा रही है। मंगलवार रात बाढ़ का पानी बिल्लर पुरवा व दर्जिनरेती गांव में घुस गया। इससे बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों की संख्या 11 से बढ़कर 13 हो गई है। 22 गांव नदी के निशाने पर हैं।
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यहां कभी भी पानी घुस सकता है। वहीं सड़क कटने से दुर्गा पुरवा व कोनी गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। लोगों को बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। क्षेत्र की सैकड़ों बीघा खेती बाढ़ के पानी में समा गई है।

उधर, बैराजों से बुधवार को भी तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे हालात और बिगड़ने के आसार हैं। घाघरा के जलस्तर में मंगलवार रात भी बढ़ोतरी जारी रही। नतीजा उफनाई घाघरा का पानी बिल्लर पुरवा व दर्जिन रेती गांवों में भी घुस गया।
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सोमवार रात बाढ़ का पानी कोनी, दुर्गापुरवा रामलालपुरवा, गोड़ियनपुरवा, लोधपुरवा, फौजदारपुरवा, गार्गीपुरवा, गौढ़ी, नगीना पुरवा, सुंदर नगर, बंधापुरवा आदि 11 गांवों में घुस गया था। अब तक 13 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

दुर्गापुरवा के निकट सड़क कटकर नदी में बह गई है। इससे दुर्गापुरवा व कोनी का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इन दोनों गांवों में नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं गुरगुचपुर गांव के निकट पानी से कही पुलिया को बुधवार को भी दुरुस्त नहीं किया जा सका।

इससे इस क्षेत्र के 20 गांवों का आवागमन प्रभावित है। रेउसा क्षेत्र के ही मरेली, जैतहिया, जिन्नापुरवा, ठेकेदारपुरवा, सुकईपुरवा, सोमवारीपुरवा, लालापुरवा, मौजीपुरवा, जंगल टपरी, खुशीराम पुरवा, कटैलापुरवा, दर्जिनरेती, आशाराम पुरवा आदि 22 गांव बाढ़ के पानी घिरे रहे।

यहां कभी भी पानी घुस सकता है। दुर्गापुरवा से चहलारी पुल के करीब तक सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। घाघरा के बीच टापू पर बसे पचीसा गांव में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। यहां के बाशिंदों ने घाघरा का रौद्र रूप देख अपने आशियानों को समेटना शुरू कर दिया है।

बाढ़ प्रभावित इलाके का हाल ये है कि पीड़ित परिवार निजी साधनों से ही अपनी गृहस्थी का सामान समेट रहे हैं और सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। अब तक 200 परिवारों ने जहां-तहां सड़कों पर अपनी झोपड़ियां डाल रखी है। उधर, घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से 3,04,840 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे हालात सुधरने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। 
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