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मकानों से महज दस फीट की दूरी पर लहरें

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रेउसा (सीतापुर)। पहाड़ों पर होने वाली भारी बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण घाघरा व शारदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कोनी के बाद अब परमेश्वरपुरवा व जटपुरवा बेकाबू लहरों के निशाने पर आ गए हैं। परमेश्वरपुरवा में मकानों से महज दस फीट की दूरी पर पानी पहुंच गया है।
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सहमे ग्रामीणों ने सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। तीनों बैराजों से बुधवार को फिर सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी के गांजर पहुंचने पर हालात बेकाबू हो सकते हैं। पिछले एक सप्ताह से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय क्षेत्र के हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं।
घाघरा के किनारे फौजदारपुरवा, कोनी, परमेश्वरपुरवा, मरेली, चौकीपुरवा, ठेकेदारपुरवा, सलामतपुरवा, जैतहिया, बिल्लरपुरवा, दुर्गापुरवा, जिन्नापुरवा, लालापुरवा, खुशीराम पुरवा और शारदा के किनारे बसे जटपुरवा के संपर्क मार्ग व खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों मुसीबतों से जूझना पड़ रहा है।
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घाघरा की बेकाबू लहरों ने कोनी के बाद अब परमेश्वरपुरवा को निशाने पर ले लिया है। इस गांव के राम अचल, लालजी, सियाराम व पेशकार के मकानों पर कटान की तलवार लटकने लगी है। शारदा के किनारे बसे जटपुरवा पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बुखार पीड़ितों का हाल जानने नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम
फौजदारपुरवा और कोनी के लगभग 50 ग्रामीण पिछले दो दिनों से बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग जानकारी के बावजूद इन गांव में पीड़ितों को दवा बांटने नहीं पहुंचा है।
बुखार पीड़ित संतराम, भिखारी, सोनेलाल, राम प्रताप, रमेश, राम निवास, प्रकाश, दिनेश, पैकरमा, सदानंद आदि ने बताया कि संपर्क मार्ग पर पानी भरा होने से सीएचसी पहुंचना कठिन है।
रेउसा सीएचसी प्रभारी डॉ. अनंत मिश्र ने बताया कि मौसम खराब होने व बारिश के कारण बुधवार को टीम नहीं पहुंच सकी। गुरुवार को टीम गांव पहुंचकर दवा का वितरण करेगी।
...तो टूट सकता है 10 गांवों का संपर्क
गौलोक कोडर, जैतहिया व ठेकेदारपुरवा के मध्य की सड़क पिछले साल बाढ़ में कटकर बह गई थी। सड़क कटने से वहां पर खाई बन गई है। अफसरों के आश्वासन के बाद भी एक साल बाद तक सड़क नहीं बनवाई जा सकी है। अब बारिश का पानी सड़क कटने वाले निचले स्थान पर भरने लगा है।
अभी पानी कम भरा होने से ग्रामीण इसमें होकर आवागमन कर रहे हैं लेकिन पानी बढ़ने पर चौकीपुरवा, परमेश्वर पुरवा, लाल पुरवा, ठेकेदार पुरवा, नव्वन पुरवा, महराज सिंह पुरवा तथा मरैली समेत करीब 10 गांवों का संपर्क ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय से टूट सकता है।
थम नहीं रही बांध में कटान
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। चहलारी-गनेशपुर तटबंध के कटान की रोकथाम को लेकर कराए जा रहे बचाव कार्य में बारिश व घाघरा का बढ़ा जलस्तर बाधक बन रहा है। बांध के किनारे-किनारे लगभग 5 किमी. तक स्टड बनाया गया है, नदी की धारा अब उससे पीछे कटान करने लगी है। पानी का तेज बहाव रोक पाना मुश्किल होता जा रहा है।
रपटा पुलिया पर बहने वाला पानी भी बढ़ता जा रहा है। यह पुलिया बांध पर मरम्मत सामग्री पहुंचाने का एकमात्र रास्ता है। अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भरद्वाज, जेई भूपेंद्र व एसडीएम महमूदाबाद का कहना है कि बांध को बचाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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