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बाढ़ हुई विकराल, 300 गांव चपेट में

Sun, 06 Aug 2017 10:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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 बाढ़ अब विकराल हो गई है। बैराजों से छोड़े गए हजारों क्यूसेक पानी व पहाड़ों पर हो रही बारिश से हालात भयावह हो चुके हैं। घाघरा का लगातार बढ़ता जलस्तर मुसीबत बन गया है। रविवार को रेउसा के 300 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। जबकि शनिवार को महज 87 गांव ही बाढ़ की चपेट में थे। सबसे चिंताजनक हालत घाघरा के टापू पर बसे पचीसा गांव की है।
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यहां के 200 परिवार पिछले दो दिनों से बाढ़ में फंसे हुए हैं। इन लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। वहीं पानी रेउसा कस्बे से महज डेढ़ किलोमीटर दूर ही बचा है। तटीय क्षेत्र के लोग नाव के सहारे पलायन कर रहे हैं। रेउसा व थानगांव प्रतिनिधि के अनुसार रेउसा कस्बे से घाघरा 9 किलोमीटर दूर बह रही थी। बीते दो दिनों में सैलाब इस कदर बढ़ा कि नदी महज डेढ़ किलोमीटर दूर ही बची है। कुछ ऐसा ही हाल थानगांव कस्बे का है।

बाढ़ के पानी ने साढ़े सात किमी. का इलाका अपनी आगोश में ले लिया है। क्षेत्र की सारी सड़कें व खेत जलमग्न हो गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि घरों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। जहां पर गलियारे व सड़कें थी, वहां नावें चल रहीं हैं। लोग अपनी गृहस्थी का सामान समेटकर बहराइच हाईवे पर शरण ले रखे का रुख कर रहे हैं।
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सबसे भयावह हालत पचीसा टापू पर हैं। टापू पर बाढ़ आने से 200 परिवार फंस गए हैं। इस टापू पर करीब 3 फीट तक पानी बह रहा है। यहां मौजूद झोपड़ियां सैलाब में बह रहीं हैं। टापू पर फंसे लोग बांस-बल्लियों की मदद से मचान बनाकर अपने परिवारों को सुरक्षित बचाने में जुटे हैं। मवेशियों को बचाने में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन अभी तक यहां की खबर नहीं ले सका है। इस क्षेत्र के 300 गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं। उधर, रामपुर मथुरा क्षेत्र में करीब 10 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां शारदा नदी कहर बरपा रही है।
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