हरगांव (सीतापुर)। हरगांव थाना क्षेत्र में 13 मई को व्यापारी से हुई लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच और हरगांव पुलिस ने मामले में दो हिस्ट्रीशीटर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लूटे गए रुपयों में से 7,350 रुपये और चार मोबाइल बरामद हुए हैं।
दौलतपुर निवासी वीरेंद्र कुमार यादव की हरगांव जूनियर हाईस्कूल के पास किराना की दुकान है। 13 मई की रात वीरेंद्र अपने पुत्र और नौकरों के साथ कार से घर जा रहे थे। तभी पिपराघूरी, सूरजपुर झाला पुलिया के पास सड़क पर डंडे और बल्लियां डालकर बदमाशाें ने वीरेंद्र की कार रोक ली। इस दौरान बदमाशों ने 22 हजार रुपये और चार मोबाइल लूट लिए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी प्रकाश कुमार ने बताया कि खुलासे के लिए कई पुलिस टीमों को लगाया गया था। क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र विक्रम सिंह और उनकी टीम को जानकारी मिली थी कि घटना को अंजाम देने वाले शातिर हरगांव थाना क्षेत्र के पिपराघूरी गांव में एक बाग में डकैती की साजिश रच रहे हैं। इस पर हरगांव की पुलिस टीम को साथ लेकर मौके पर छापा डाला गया।
यहां से पुलिस ने बंशी निवासी पिपरीकला कोतवाली देहात, छोटे सिंह और कमलपाल उर्फ कमलू सिंह निवासी तेंदवार थाना इमलिया सुल्तानपुर, ललित कुमार और कौशलेंद्र कुमार निवासी पिपराघूरी थाना हरगांव को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से लूट के 7,350 रुपये, लूट का एक मोबाइल, घटना में इस्तेमाल बांका, यूकेलिप्टस के तीन डंडे, एक बैग, चार मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वंशी और छोटे सिंह हिस्ट्रीशीटर हैं।
बाइक से की रेकी, साइकिल से दिया घटना को अंजाम
पुलिस का दावा है कि बदमाश वीरेंद्र कुमार की लंबे समय से रेकी की जा रही थी। रेकी में बाइक का इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन घटना को अंजाम देने में साइकिलों का इस्तेमाल किया गया था। लूट के बाद आरोपी साइकिल से मौके से भाग निकले थे।
जमानत पर बाहर आते ही अंजाम दी वारदात
हिस्ट्रीशीटर छोटे सिंह को अपने चाचा की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। हाल ही में वह लंबे समय बाद जमानत पर छूटा था। जेल से बाहर आते ही उसने फिर लूट की घटना को अंजाम दे दिया। छोटे के खिलाफ खैराबाद, रामकोट, इमलिया सुल्तानपुर थानों में पहले से ही नौ मामले दर्ज हैं। वंशी भी शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ कोतवाली देहात, रामकोट, महोली और इमलिया सुल्तानपुर में 11 मामले दर्ज हैं।