फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच घर घाघरा में बहे

Thu, 15 Sep 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
उफनाती नदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पहाड़ों पर हुई बारिश ने गांजर क्षेत्र में फिर से मुसीबत ला दी है। घाघरा नदी एक बार फिर से उफान पर है। टापू पर बसे पचीसा गांव मंगलवार रात कटकर नदी में बहते चले गए। गनीमत ये थी कि इन घरों को परिवार पहले ही छोड़ चुके थे। नौ घर कटान के मुहाने पर हैं। उधर, शारदा व घाघरा बैराजों से सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 
विज्ञापन


घाघरा का जलस्तर मंगलवार को तेजी से बढ़ने लगा। यह देख वहां बसने वाले परिवारों ने तटीय क्षेत्र के घरों को खाली कर, ऊंचे पर पहुंचना शुरू कर दिया। मंगलवार देर रात उफनाई घाघरा ने गांव के बाबू, सुबेदार, दिलेराम, गुरु प्रसाद व हवलदार के घरों को निगल लिया। रातों रात घर कटकर घाघरा में बहते चले गए।

हालांकि इन घरों के लोग पहले ही पलायन कर चुके थे। गांव में बनवारी लाल, खुशीराम, प्रमोद, गोकरन, शत्रोहन लाल, चेतराम, गीता देवी, बुधराम, मुनेजर आदि के घर कटान के मुहाने पर हैं। तटीय क्षेत्र के दुर्गा पुरवा, रामलाल पुरवा, जैतहिया, कोनी आदि के ग्रामीण बेहद दहशत में हैं। ये गांव ऐसे हैं, जिनका घाघरा से फासला बेहद कम दूरी पर है।
विज्ञापन


दुर्गा पुरवा व कोनी गांव का प्रमुख मार्ग पहले से ही कटा पड़ा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं कि अगर दोबारा बाढ़ आई, तब उनका निकला फिर से बंद हो जाएगा। उधर शारदा व घाघरा बैराजों से 123952 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर में और इजाफा होने के आसार हैं।

पचीसा पर टूट रहा घाघरा का कहर
टापू पर बसे पचीसा गांव के करीब 300 परिवारों की धड़कनें तेज हैं। यह ऐसा स्थान है, जहां पर चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। वहीं नदी तेजी से कटान कर रही है। टापू के वजूद पर संकट मंडरा रहा है। अगर नदी ने विकराल रूप धारण किया, तो सबसे बड़ी तबाही की तस्वीर शायद इसी टापू से आएगी। टापू पर बसे परिवार काफी भयभीत हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें