सीतापुर। गोंदलामऊ के तेरवा रोड स्थित स्टार हॉस्पिटल का संचालन बिना पंजीकरण व तय मानकों के फर्जी तरीके से हो रहा था। सीएचसी अधीक्षक की अगुवाई में टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में अस्पताल में कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। अस्पताल में प्रसव होने के सुबूत के साथ दवाएं व अन्य चिकित्सकीय उपकरण भी मिले। इस पर सीएचसी अधीक्षक गोंदलामऊ ने अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित पांच लोगों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है।
सीएचसी अधीक्षक गोंदलामऊ डॉ. धीरज मिश्रा ने शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में रामसहारे, अजय कुमार व रिंकी वर्मा मिली। इनके पास इलाज के लिए जरूरी मेडिकल संबंधी कोई डिग्री नहीं मिली। अस्पताल में कोई भी पंजीकृत चिकित्सक भी मौजूद नहीं मिला। अस्पताल के अंदर मिली लैब का संचालन भी अप्रशिक्षित लोग कर रहे थे। अस्पताल में पांच आक्सीजन सिलिंडर व गर्भवती का प्रसव कराने में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं व इंजेक्शन मिले। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि अवैध तौर से संचालित अस्पताल में प्रसव भी कराए जा रहे थे।
जांच के दौरान कई एक्सपायर्ड हो चुकी जीवन रक्षक दवाएं भी मिली। अस्पताल का संचालन जनपद हरदोई की सरफुद्दीनपुर निवासी संगीता पटेल कर रही थी। यहीं अस्पताल की मैनेजिंग डायरेक्टर भी है। स्टॉफ ने बताया कि यहां पर इलाज के लिए डॉ. अनुपम सिंह आते हैं। उनका जनशक्ति अस्पताल लखनऊ में आईआईएम रोड पर है। निरीक्षण के समय यह गैर हाजिर मिले। जांच टीम ने अस्पताल का संचालन बंद कराने हुए इसे सील कर दिया। साथ ही संगीता पटेल, रामसहारे, अजय कुमार, रिंकी व डॉ. अनुपम मिश्रा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।