सीतापुर। जलभराव के बाद चर्चा में आई केशव ग्रीन सिटी कॉलोनी के मालिक मुकेश अग्रवाल के खिलाफ रामकोट पुलिस ने एक अक्तूबर को ही प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। हालांकि, बुधवार रात कॉलोनी के निवासियों के हंगामे के बाद सामने आई इस कार्रवाई में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। वहीं, प्राथमिकी में मुकेश पर भीड़ को उकसाकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कराने का आरोप लगाया गया है। इससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
रामकोट थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजेश कुमार राय के अनुसार, उनके क्षेत्र में स्थित केशव ग्रीन सिटी कॉलोनी में अत्यधिक जलभराव हो गया था। कॉलोनी के सभी घर जलमग्न हो गए थे। घरों में रखा सामान और वाहन भी खराब हो गए थे। जांच में पता चला कि कॉलोनी के ऊपर से कई स्थानों पर हाई वोल्टेज बिजली की लाइनें गुजर रही हैं। जलभराव के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने स्टीमर समेत अन्य साधनों से घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाला था।
आरोप है कि कॉलोनी को मुकेश अग्रवाल ने बेचा था। उन्होंने 29 सितंबर को प्रशासन के विरुद्ध गलत तथ्य बताकर कॉलोनी के लोगों को जानबूझकर भड़काया, जिससे लोगों ने लखनऊ-शाहजहांपुर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। आसपास के मोहल्लों में बाढ़ पीड़ितों के बचाव कार्य में भी रुकावट आई और सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया था।