इस चुनाव में कई दिग्गजों की साख भी दांव पर है। कई मंत्रियों के बेटे-बेटियां व रिश्तेदार इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अब एक नवंबर को वोटों के गिनती होगी।
प्रथम चरण में ब्लॉक सिधौली, कसमंडा, मछरेहटा, गोंदलामऊ और मिश्रिख में सुबह 7 बजे से मतदान प्रारंभ हुआ। पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं थीं। इस दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और मतदान कार्य सुस्त रफ्तार से कराए जाने की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे कई जगहों पर मतदान बाधित रहा।
हालांकि चुनाव ड्यूटी में लगे अफसरों व चुनाव कर्मियों ने खामियों का निदान कर मतदान सुचारु करा दिया। पहले चरण में जिला पंचायत सदस्य के 21 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 497 पदों के लिए 428 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। ब्लॉक कसमंडा के मोहनापुर पोलिंग बूथ पर सुबह 7:35 बजे मतदाताओं की लंबी लाइन दिखी।
जबकि करुछ मतदाता लाइन कम होने के इंतजार में पेड़ो के नीचे आराम करते दिखे। नवागांव पोलिंग बूथ पर लाइन में लगे मतदाता अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बेहड़ा-बैकुंठपुर बूथ पर धूप में लाइन लगाए मतदाता सुस्त मतदान से नाराज दिखे।
वोट डालने आए बबलू ने बताया कि चुनाव कर्मी बेहद धीमी गति से काम कर रहे हैं। बाहर छांव का इंतजाम न होने से मतदाताओं को काफी देर तक धूप में खड़ा होना पड़ रहा है। छुटपुट शिकायतों के बीच नौ बजे तक यहां दस फीसदी मतदान हो गया।
धूप की तपिश में इजाफा होने से दोपहर में मतदान की रफ्तार में कमी आई। धीमी गति से चलने वाले मतदान में धूप कम होते ही फिर से रफ्तार पकड़ ली। शाम पांच बजते ही लाइन में खड़े मतदाताओं को वोट डालने की घोषणा कर पोलिंग बूथों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई।