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Sitapur News: किसानों को कार्बन क्रेडिट बाजार से जोड़ा जाएगा

Tue, 26 Aug 2025 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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किसानों को बांटे गए निशुल्क पौधे।
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सीतापुर। शहर स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में मंगलवार को वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण सक्सेना ने कृषि वानिकी कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे कार्बन क्रेडिट बाजार से जोड़ा जाए।
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कार्बन क्रेडिट बाज़ार एक ऐसी प्रणाली है जहां कंपनियों को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने या नियंत्रित करने के लिए कार्बन क्रेडिट खरीदने या बेचने होते हैं। सरल शब्दों में बात करें तो किसान अपनी जमीन को संरक्षित रखते हुए पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए वह एग्रोफॉरेस्ट्री का रुख कर सकते हैं। इसके तहत वह काष्ठ आधारित उद्योगों से सीधे तौर पर जुड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी को बढ़ावा देना और काष्ठ आधारित उद्योगों के साथ तालमेल स्थापित करना ही हमारा लक्ष्य है। यह प्रदेश के किसानों की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को पौध, तकनीकी मार्गदर्शन और कार्बन क्रेडिट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे उनकी आय दोगुनी हो सके और प्रदेश की हरित अर्थव्यवस्था को गति मिले। इस कार्यशाला में हरदोई और लखीमपुर खीरी से भी किसान व काष्ठ आधारित उद्यमियों ने प्रतिभाग किया।
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उन्होंने घोषणा की कि वे किसानों को यूकेलिप्टिस, पॉपुलर व अन्य पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराएंगे। फसल परिपक्व होने पर न्यायसंगत मूल्य पर बाय-बैक करेंगे। इससे किसानों को सुरक्षित आय का आश्वासन मिलेगा और कृषि वानिकी को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को इस माैके पर निशुल्क पौध वितरित भी किए गए। इस दौरान नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरू, सदस्य सचिव ललित वर्मा, अपर मुख्य वन संरक्षक डॉ रेणु सिंह, उप प्रभागीय निदेशक विकास यादव, रेंजर सुयश श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला व अन्य मौजूद रहे।



पर्यावरण संरक्षण पर हुई विस्तृत चर्चा

डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने इस बैठक में कृषि वानिकी को प्रोत्साहन, किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति, कार्बन फाइनेंस की संभावनाएं एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बताया कि काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर किसानों को सीधा आर्थिक लाभ प्रदान किया जा सकता है ताकि प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिले।
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