सकरन। बाढ़ और अतिवृष्टि की मार झेल रहे किसानों का आक्रोश बुधवार को कल्ली-लखनियापुर बाजार में फूट पड़ा। काफी संख्या में नाराज किसान व ग्रामीण सड़क पर जलभराव के बीच धरने पर बैठ गए। किसानों ने बताया कि समस्या केवल फसल बर्बादी तक सीमित नहीं है, बल्कि जलनिकासी और संपर्क मार्गों की बदहाली ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
धरना प्रदर्शन की सूचना पर तहसीलदार लहरपुर न्यायिक स्वाति सिंह व राजस्व निरीक्षक अमर सिंह वर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर धरना खत्म करने का अनुरोध किया। किसानों ने फसल क्षति, राहत सामग्री, सड़क, जलनिकासी तथा बाढ़ से स्थायी सुरक्षा सहित छह सूत्रीय मांगपत्र उनके समक्ष रखी। तहसीलदार ने तत्कालीन समस्याओं से संबंधित मांगों को दो दिनों में जिलाधिकारी को भेजकर निदान कराने तथा बाढ़ समाप्त होने के बाद स्थायी समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों का डीएम को संबोधित एक ज्ञापन भी उन्हें सौफा। इसमें मुख्य तौर पर परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने, फसल क्षति का निष्पक्ष राजस्व-कृषि सर्वे कराकर मुआवजा व फसल बीमा की राशि दिलवाने के साथ ही लखनियापुर-चिल्हिया तथा लखनियापुर-खजुरा मार्गों को ऊंचा करने और स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था मांग शामिल रही। धरने में आजाद समाज पार्टी के मुलायम सिंह गौतम, संतराम जाटव, संजीत राजवंशी, भल्लू राम, शिवरानी, कमलेश, श्रवण कुमार, इसरार अहमद आदि मौजूद रहे।